यूक्रेन से भारतीयों को सुरक्षित लाने के लिए शुरू किए गए गंगा अभियान में और तेजी लाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय वायुसेना से इस अभियान में शामिल होने को कहा है। भारतीय वायुसेना की क्षमता का लाभ लेते हुए ये सुनिश्चित किया जाएगा कि कम से कम समय में अधिक लोगों को यूक्रेन से सुरक्षित निकाला जा सके।
सरकार ने यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने का अभियान तेज कर दिया है। युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीय नागरिकों की वापसी के लिए अगले तीन दिनों में 26 उडानें संचालित की जायेंगी। विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला ने बताया कि यूक्रेन के दूसरे सबसे बडे शहर खारकीव से भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि लगभग 12 हजार भारतीय नागरिक यूक्रेन छोड चुके हैं। यूक्रेन का हवाई मार्ग बंद होने के बाद, भारत अपने नागरिकों को रोमानिया, हंगरी, पोलैंड और स्लोवाकिया जैसे पडोसी देशों की सीमाओं से बाहर निकाल रहा है।
ये जो बॉर्डर क्रॉसिंग्स हैं, इनमें से पांच लाख लोग निकले हैं जब से कॉन्फ्लिक्ट शुरू हुआ और हमारे जितने भी नागरिक कीव में थे, जितने भी हमारे छात्र कीव में थे, उनको सभी को हमने ये सलाह दी ये पश्चिम की तरफ आएं और ये वहां से जब भी मौका मिले एग्जिट करें और काफी ऑप्शंस एग्जिट करने के लिए हैं, हंगरी की तरफ जा सकते हैं, स्लोवाकिया की तरफ जा सकते हैं, रोमानिया, पोलैंड जहां भी एग्जिट हो सकता है, वहां से एग्जिट करें और मॉल्डोवा भी पांचवां रूट खुल गया है। तो इस प्रयास में आप देख सकते हैं सात हजार सात सौ हमारे नागरिक निकल गए हैं वहां से इन रूट्स से।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया तेज करने के लिए इन देशों में चार केन्द्रीय मंत्रियों हरदीप सिंह पुरी, किरेन रिजिजू, ज्योतिरादित्य सिंधिया और जनरल वी.के. सिंह को तैनात किया गया है।
