भारतीय कपास आयोग को प्रतिबद्ध मूल्‍य समर्थन के रूप में 17 हजार 408 करोड रुपए की राशि देने की मंजूरी दी

भारतीय कपास आयोग को प्रतिबद्ध मूल्‍य समर्थन के रूप में 17 हजार 408 करोड रुपए की राशि देने की मंजूरी दी

मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने भारतीय कपास आयोग को प्रतिबद्ध मूल्‍य समर्थन के रूप में 17 हजार चार सौ आठ करोड रुपए की राशि देने की मंजूरी दे दी है।

सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि 2014-15 से 2020-21 के अक्‍तूबर से सितंबर तक के कपास सत्र के दौरान न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य के संदर्भ में हुई हानि की क्षतिपूर्ति में होने वाले व्‍यय को मंजूरी दी गई है।

अनुराग ठाकुर ने बताया कि मंत्रिमंडल ने वर्ष 2021-22 के लिए जूट पैकेजिंग साम‍ग्री के वास्‍ते आरक्षण मानकों को भी स्‍वीकृति दी है। जूट की बोरियों में शत-प्रतिशत अनाज पैक किया जाता है जबकि इन बोरियों में बीस प्रतिशत तक चीनी की पैकिंग होती है।

उन्‍होंने बताया कि इस फैसले से जूट मिलों और सहायक इकाईयों के तीन लाख 70 हजार कर्मियों को राहत मिलेगी। अनुराग ठाकुर ने बताया कि इससे लगभग चालीस लाख किसान परिवारों को अजीविका में सहायता मिलेगी और पर्यावरण का संरक्षण भी होगा।

मंत्रिमंडल ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कम्‍पनियों द्वारा एथेनॉल की खरीद प्रणाली को भी स्‍वीकृति दे दी है। अनुराग ठाकुर ने बताया कि चीनी सत्र 2020-21 के लिए गन्‍ना आधारित विभिन्‍न प्रकार के कच्‍चे माल से प्राप्‍त एथेनॉल की अधिक कीमत को भी मंजूरी दी गई है।

उन्‍होंने बताया कि सी हेवी मोलेसिस से बने एथेनॉल का मूल्‍य 45 रुपए 69 पैसे से बढ़ा कर 46 रुपए 66 पैसे प्रति लीटर कर दिया गया है। बी हेवी मोलेसिस का मूल्‍य प्रति लीटर 57 रुपए 61 पैसे से बढ़ाकर 59 रुपए 8 पैसे और गन्‍ने के रस, चीन या चीनी सिरप से बने एथेनॉल का मूल्‍य 62 रुपए 65 पैसे से बढ़ाकर 63 रुपए 45 पैसे कर दिया गया है।

इस फैसले से एथेनॉल आपूर्तिकर्ताओं के लिए इसकी कीमतों में स्‍थ‍ि‍रता आएगी और उन्‍हें लाभकारी मूल्‍य मिल सकेगा। इससे देश में आधुनिक जैव-ईंधन रिफाइनरियों की स्‍थापना में सुविधा होगी। इसके अलावा गन्‍ना किसानों का लम्‍बित बकाया कम हो सकेगा और कच्‍चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

Related posts

Leave a Comment