पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश की हरित हाइड्रोजन नीति पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि भारत वार्षिक तौर पर चार मीट्रिक टन हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करेगा। उन्होंने कहा कि इससे भारत को 2030 तक संचयी जीवाश्म ईंधन आयात पर एक लाख करोड़ रूपये की बचत होगी। आज नयी दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ के 11वें जैव ऊर्जा शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश के लिए सस्ती ऊर्जा सुरक्षा और इसकी उपलब्धता पर ध्यान केन्द्रित करना भी महत्वपूर्ण है। हरदीप सिंह पुरी ने प्रदूषण को कम करने के लिए पराली और बांस से एथेनॉल बनाने के लिए टू जी परिशोधनशाला स्थापित करने और ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण 2013-14 में एक दशमलव पांच तीन प्रतिशत था जो जुलाई 2022 में बढ़कर दस दशमलव एक सात प्रतिशत हो चुका है। 2070 तक देश में शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को लेकर हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां ऊर्जा स्रोतों में परिवर्तन करने और इसके उपयोग को लेकर पहले ही तैयारी कर चुकी है। उन्होंने कहा कि इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड ने 2046 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं हिन्दुस्तान पेट्रोलियम केमिकल लिमिटेड ने 2040 तक इसे प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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