विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा है कि भारत बिम्सटेक ढांचे के तहत क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए दृढता से प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही संगठन को मजबूत, अधिक जीवंत, प्रभावी तथा परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में काम कर रहा है। आज नई दिल्ली में वर्चुअल माध्यम से एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि बिम्सटेक की उत्पत्ति और इसके संस्थापक सदस्यों में से एक के रूप में भारत की यात्रा प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि बिम्सटेक के लिए प्रासंगिक पडोसी प्रथम और एक्ट ईस्ट दोनों भारत की विदेश नीति की आधारशिला हैं। हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि भारत ने क्षेत्रीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में बिम्सटेक सदस्य देशों की क्षमता निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि काठमांडू में 2018 में पिछले शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न क्षेत्रों में बिम्सटेक सहयोग और क्षमता निर्माण को मजबूत करने के लिए कई पहलों की घोषणा की थी।
Related posts
-
NHRC ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ईंट भट्टों में कथित बंधुआ मजदूरी के 216 मामलों की ऑनलाइन सुनवाई की
भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ईंट... -
ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट की
ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट... -
धन-शोधन और वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए भारत की वित्तीय खुफिया इकाई और SEBI ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में एक...