प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत एक गतिशील स्टार्टअप इकोसिस्टम है और देश में प्रतिभाशाली जनशक्ति का कृत्रिम बुद्धिमत्ता -आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उदय में महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर वैश्विक भागीदारी सम्मेलन के बारे में सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे सामान ला रहा है जो वैश्विक पैमाने पर सुरक्षित, सतत और अनुकरणीय हैं। उन्होंने कहा कि भारत का डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा इन प्रयासों का प्रमुख उदाहरण हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक बदलाव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि क्षेत्र में इसका विशेष रूप से सकारात्मक प्रभाव पडा है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ-दस वर्षों में भारत और उसके नागरिकों ने प्रौद्योगिकी की मदद से ऊंची छलांग लगाई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्य करने वालों, नवोन्मेषकों और हितधारकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर वैश्विक भागीदारी सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। भारत इस सम्मेलन का नई दिल्ली में 12 से 14 दिसम्बर तक आयोजन कर रहा है। प्रधानमंत्री के इसका उद्घाटन किये जाने की संभावना है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर वैश्विक भागीदारी सम्मेलन का उद्देश्य अनुसंधान और संबंधित गतिविधियों की मदद से इस क्षेत्र में सिद्धांत और व्यवहार के बीच के अंतर को दूर करना है। इस सम्मेलन की शुरूआत जून 2020 में 15 सदस्यों के साथ की गई थी जो अब 28 तक पहुंच गई है।