भारत को-वैक्‍स कार्यक्रम के लिए वैक्‍सीन मैत्री के अंतर्गत कोविड रोधी टीकों का निर्यात फिर से शुरू करेगा

भारत को-वैक्‍स कार्यक्रम के लिए वैक्‍सीन मैत्री के अंतर्गत कोविड रोधी टीकों का निर्यात फिर से शुरू करेगा

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि वैक्‍सीन मैत्री अगले महीने शुरू की जाएगी। उन्‍होंने बताया कि भारत वसुधैव कुटुम्‍बकम की अपनी अवधारणा के अनुरूप, को-वैक्‍स के लिए अपनी प्रतिबद्धता निभाने के वास्‍ते वैक्‍सीन मैत्री के अंतर्गत इनका निर्यात फिर शुरू करेगा। उन्‍होंने बताया कि वैक्‍सीन की अतिरिक्‍त आपूर्ति का उपयोग, कोविड महामारी से मिलकर निपटने की, विश्‍व के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए किया जाएगा।

हमारी जरूरतों को पूरी करके अभी प्रोडक्‍शन करेंगे। इस प्रोडक्‍शन के तहत हम वैक्‍सीन मैत्री को भी आगे बढाएंगे। फोर्थ क्‍वार्टर में वैक्‍सीन मैत्री के तहत हम दुनिया को भी मदद करेंगे और को-वैक्‍स में भी हमारी जिम्‍मेदारी निभाएंगे।

को-वैक्‍स कार्यक्रम- महामारी से निपटने की तैयारी के लिए नवाचार गठबंधन-गावी और विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के सह-नेतृत्‍व में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्‍य कोविड- रोधी टीकों के विकास और उत्‍पादन को बढावा देना है।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के अथक प्रयासों से भारत में कोविड टीकों का अनुसंधान और उत्‍पादन निरंतर आगे बढ रहा है। भारत का टीकाकरण कार्यक्रम पूरी दुनिया के लिए अनुकरणीय है और यह तेजी से आगे बढ रहा है। मनसुख मांडविया ने कहा कि 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू किए जाने के बाद, भारत ने चार से अधिक बार प्रतिदिन एक करोड से अधि‍क टीके लगाए हैं। उन्‍होंने कहा कि अक्‍टूबर में तीस करोड से अधिक और अगली तिमाही में एक सौ करोड से अधिक टीकों का उत्‍पादन किया जाएगा।

वैक्‍सीन प्रोडक्‍शन बढ रहा है, वैक्‍सीनेशन कार्यक्रम तेजी से आगे बढ रहा है। सितम्‍बर महीने में भारत सरकार को भारतीय कम्‍पनियों ने बनाई हुई 26 करोड़ डोज मिलेंगी। अक्‍टूबर में हमें 30 करोड़ से अधिक डोज मिलने की संभावना है।

इस बीच, बांग्‍लादेश को भारत से कोविड रोधी टीकों का निर्यात अगले महीने से शुरू हो जाएगा।

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