भारत और ऑस्ट्रेलिया ने संयुक्‍त वक्‍तव्‍य में कहा- दोनों देश कूटनीति, रक्षा और विकास के क्षेत्र में प्रभावशाली ढंग से कार्य जारी रखने के प्रति वचनबद्ध

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने संयुक्‍त वक्‍तव्‍य में कहा- दोनों देश कूटनीति, रक्षा और विकास के क्षेत्र में प्रभावशाली ढंग से कार्य जारी रखने के प्रति वचनबद्ध

भारत और ऑस्‍ट्रेलिया ने क्षेत्रीय और वैश्विक बेहतरी के लिए क्‍वाड को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सभी तरह के आतंकवाद की कडी निन्‍दा की है। भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच सोमवार को नई दिल्ली में हुई मंत्रीस्‍तरीय टू प्‍लस टू वार्ता के बाद जारी संयुक्‍त वक्‍तव्‍य में कहा गया है कि दोनों पक्ष कूटनीति, रक्षा और विकास के क्षेत्र में प्रभावशाली ढंग से कार्य जारी रखने के प्रति वचनबद्ध हैं। दोनों पक्षों ने आतंकवादियों की अतंर्राष्‍ट्रीय गतिविधियों सहित सभी तरह के आतंकवाद की कडी निन्‍दा की और इसके खिलाफ मिलकर सख्‍त कार्रवाई करने पर सहमति व्‍यक्‍त की।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री डॉक्‍टर एस. जयशंकर ने ऑस्‍ट्रेलिया के अपने समकक्षों रिचर्ड मार्लेस और पैनी वोंग के साथ सोमवार को नइ्र दिल्‍ली में टू प्‍लस टू वार्ता की सहअध्‍यक्षता की। भारत ने उसकी जी-20 अध्‍यक्षता के लिए ऑस्‍ट्रेलिया के समर्थन की सराहना की।

संयुक्‍त वक्‍तव्‍य में दोनों पक्षों ने वैश्विक मुद्दों और समुद्री सुरक्षा, सतत विकास के लिए 2030 के एजेंडा और स्‍वच्‍छ ऊर्जा के क्षेत्रों में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की। मंत्रियों ने हिन्‍द प्रशांत, पश्चिम एशिया और यूक्रेन के घटनाक्रम पर चर्चा की तथा यूक्रेन में युद्ध और इसके त्रासदीपूर्ण परिणामों पर गहरी चिन्‍ता व्‍यक्‍त की। उन्‍होंने यूक्रेन में स्‍थाई शान्ति की बहाली और संयुक्‍त राष्‍ट्र चार्टर सिद्धांतों का समर्थन किया।

इस्राइल में बर्बर हमलों का उल्‍लेख करते हुए दोनों पक्षों ने आतंकवाद के खिलाफ इस्राइल के साथ एकजुटता व्‍यक्‍त की और आम लोगों की रक्षा सहित अंतर्राष्‍ट्रीय कानूनों के पालन पर जोर दिया। उन्‍होंने सभी बंधकों की तत्‍काल रिहाई की भी मांग की।

दोनों पक्षों ने म्‍यांमार में बिगडती स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता पर इसके प्रभाव को लेकर भी गहरी चिन्‍ता व्‍यक्‍त की।

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