विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा है कि भारत 2047 तक अपने को एक विकसित देश के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और वह अब भी सबसे मजबूत तथा सबसे न्यायसंगत लोकतंत्र के रूप में उभर रहा है।
अमेरिका के न्यूयॉर्क में भारत-संयुक्त राष्ट्र भागीदारी को दर्शाने वाले कार्यक्रम इंडिया@75 में उन्होंने भारत की प्रगति में डिजिटल प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, डिजिटल तकनीक ने 80 करोड़ भारतीयों को खाद्य-सुरक्षा प्रदान करने में मदद की है और 300 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के लाभ डिजिटल रूप से वितरित किए गए हैं। डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत ने डिजिटल तकनीक की मदद से दो अरब से अधिक कोविड टीकाकरण की खुराक दी है। उन्होंने कहा, आजादी के 100 साल पूरे होने पर भारत अपने सबसे दूरदराज के गांवों तक डिजिटल तकनीक पहुंचाना चाहता है।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत ने वैश्विक जलवायु कार्रवाई के लिए दो प्रमुख पहल की हैं। पहली अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और दूसरी आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन है। रूस-यूक्रेन संघर्ष पर विदेश मंत्री ने कहा कि इसने यूक्रेन में खाद्य और ऊर्जा संकट को बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने खाद्यान्नों की आपूर्ति कर, कई देशों को सहायता दी है।