केन्द्र ने कहा है कि अब तक कुल 22 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर वैट में कटौती की है।
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल शासित राज्यों में पेट्रोल और डीजल पर वैट कम नहीं करने के लिए आलोचना की है। पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कल संवाददाताओं से कहा कि पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने की केंद्र की घोषणा के तुरन्त बाद भाजपा शासित राज्यों ने वैट में कमी कर दी थी। गौरव भाटिया ने कहा कि भाजपा सरकार आम लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उन्हें राहत देने के उपाय कर रही है।
अगर भाजपा शासित राज्यों में चाहे उत्तर प्रदेश हो, चाहे वह असम का उदाहरण दिया हो, कर्नाटका है तमाम ऐसे और राज्य हैं भाजपा के जहां पर वैट में कटौती आई है। तो ऐसा क्यों है कि निर्दयी कांग्रेस की जो सरकारें हैं, जो निठल्ली, निकम्मी सरकारें हैं वह लोग ऐसा ही एक आम जनता से जुड़ा हुआ कदम यह ठोस फैसला क्यों नहीं कर पा रही। हर पल राजनीति करने वाले यह विपक्ष के नेता जो बार-बार कहते थे, मंहगाई हो गई है, आम जनता के बारे में सोचो, जो पहल आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने की है, जो भाजपा शासित राज्यों में मुख्यमंत्रियों ने की है, वह यह लोग क्यों नहीं कर पा रहे?