बांग्‍लादेश के कॉक्‍स बाजार और अन्‍य क्षेत्रों में विभिन्‍न शरणार्थी शिविरों में दस लाख से अधिक रोहिंजा लोग जीने के लिए संघर्षरत

बांग्‍लादेश के कॉक्‍स बाजार और अन्‍य क्षेत्रों में विभिन्‍न शरणार्थी शिविरों में दस लाख से अधिक रोहिंजा लोग जीने के लिए संघर्षरत

बांग्‍लादेश के कॉक्‍स बाजार और अन्‍य क्षेत्रों में विभिन्‍न शरणार्थी शिविरों में पिछले छह साल से दस लाख से अधिक रोहिंजा लोग जीने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। म्‍यांमा के रखाइने प्रांत में क्रूर सैन्‍य कार्रवाई के बाद रोहिंजा समुदाय के लोग बांग्‍लादेश भाग गए थे। बांग्‍लादेश गए उन्‍हें आज पूरे छह साल हो गए हैं।

संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार के उच्‍चायुक्‍त वोलकर तुर्क ने कहा है कि रोहिंजा लोगों को बिना किसी दबाव के पूरी गरिमा के साथ स्‍वदेश भेजा जाना चाहिए।

हालांकि, बांग्‍लादेश में सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार अगर रोहिंजा संकट को समय पर नहीं संभाला गया, तो बांग्‍लादेश में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए अवैध गतिविधियों पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा और इससे पड़ोसी देशों पर भी प्रभाव पडेगा।

अपर्याप्‍त अंतर्राष्‍ट्रीय सहायता और समर्थन के मद्देनजर बांग्‍लादेश सरकार, रोहिंजा लोगों को स्‍वदेश भेजने पर काफी दबाव डाल रही है। हालांकि, बांग्‍लादेश के प्रयास अभी तक सफल नहीं हो पाए हैं। बांग्‍लादेश के विदेश मंत्री डॉक्‍टर ए.के. अब्‍दुल मोमेन के अनुसार कुछ अंतर्राष्‍ट्रीय संगठन रोहिंजा लोगों को बांग्‍लादेश समाज में समाहित करने के पक्ष में हैं इसलिए वे उन्‍हें स्‍वदेश भेजने की प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं।

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