प्रवर्तन निदेशालय ने एमवे इंडिया इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड की 757 करोड़ रूपये से अधिक की परसम्पत्ति कुर्क की है। कम्पनी पर बहु-स्तरीय बिक्री श्रृंखला घोटाले का आरोप है। कुर्क की गई परिसम्पत्तियों में कंपनी की भूमि और फैक्ट्री, मशीनरी, वाहन, बैंक खाते और सावधि जमा शामिल है। धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय की छानबीन से पता चला है कि एमवे कंपनी सीधी ब्रिक्री के बहु-स्तरीय नेटवर्क की आड़ में लंबे समय से ग्राहकों से धोखाधडी करती आ रही थी। इसके अधिकांश उत्पादों की कीमत खुले बाजार में उपलब्ध अन्य निर्माताओं के लोकप्रिय उत्पादों से कहीं अधिक थी। वास्तविकता जाने बिना आम लोग कम्पनी के सदस्य बनने और महंगे उत्पाद खरीदने के लिए प्रोत्साहन की चपेट में आते जा रहे थे। कम्पनी का जोर नए सदस्य बनाने पर अधिक था और ये नए सदस्य जल्दी से जल्दी अधिक कमीशन पाने के लिए उत्पादों की खरीद कर रहे थे। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा सदस्यों को मिलने वाले कमीशन के कारण उत्पादों की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही थी।
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