प्रयागराज में महाकुंभ मेले में देश के तीन नए आपराधिक कानूनों के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए एक डिजिटल प्रदर्शनी लगाई गई

प्रयागराज में महाकुंभ मेले में देश के तीन नए आपराधिक कानूनों के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए एक डिजिटल प्रदर्शनी लगाई गई

उत्‍तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेले में देश के तीन नए आपराधिक कानूनों के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए एक डिजिटल प्रदर्शनी लगाई गई है। ये कानून हैं- भारतीय न्‍याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्‍य अधिनियम। ये नए कानून पिछले वर्ष पहली जुलाई से देश में लागू किए गए थे और यह भारतीय न्‍याय व्‍यवस्‍था में एक ऐतिहासिक बदलाव था। साइबर अपराध और संगठित अपराध जैसी वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए नए कानून शुरू किए गए थे। इन नए कानूनों ने भारतीय दण्‍ड संहिता-आईपीसी, आपराधिक प्रक्रिया स‍ंहिता-सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्‍य अधिनियम का स्‍थान ले लिया है।

महाकुंभ मेला सिर्फ आस्था का ही केन्द्र नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को, उनसे जुड़े कानूनी अधिकारों और न्याय के संबंध में, जानकारी पहुंचाने का माध्यम भी बन गया है। केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार ने, तीन नए कानूनों के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए, मेला क्षेत्र में अलग-अलग स्टॉल लगाए हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस के हेड ऑपरेटर, ओम कुमार गुप्ता ने कहा कि, वे जनता को बहुत ही सरल भाषा में, नए कानूनों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

पुराने जो कानून थे वो काफी जटिल थे, लेकिन जो नए कानून आए हैं, इसमें काफी जनता को सहूलियत है, उसकी एफ.आई.आर. जल्‍दी लिखी जाती है, अगर एफ.आई.आर. नहीं हुई तो, कानून पर धाराएं लगा करके और उसके बाद निस्‍तारण जल्‍दी से हो और उसकी चार्जशीट जल्‍दी से फाइल की जाए।

हम कलाकार अपने गीत के माध्‍यम से, अपने नाटक के माध्‍यम से इस कुंभ मेले में यह दिखा रहे हैं कि आप जगिये और एक कुशल व्‍यक्तित्‍व का परिचय देते हुए आप स्‍नान करिये, भीड़-भाड़ से थोड़ा बचिये और आप स्नान करते हुए निकलते रहिये।

भारत की न्याय प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, कुशल और आधुनिक समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इन तीन नए कानूनों को लागू किया गया हैं।

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