महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि पौष्टिक आहार किफायती दरों पर मिलना चाहिए और जरूरतमंद लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सुलभ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत आठ हजार आठ सौ करोड़ रूपये गर्भवती महिलाओं और दुग्धपान कराने वाली माताओं के खातों में सीधा भेजा गया है।
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में पोषण माह शुरू होने पर नई दिल्ली में एक समारोह में उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण स्वस्थ रहने की सदियों पुरानी भारतीय परंपरा आज वैश्विक जीवन शैली बन गयी है। उन्होंने कहा कि देश में आयुर्वेद बाजार ने एक लाख करोड़ रूपये का आंकड़ा पार कर लिया है।
एक अध्ययन का उल्लेख करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि देश में एनीमिया के रोगियों में कमी आयी है। केन्द्र ने 2018 में पोषण अभियान की शुरूआत की थी, तभी से सितम्बर के महीने में पोषण माह मनाया जाता है। इस महीने में समाज में पोषण संबंधी जागरूकता लाने के लिए विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
पोषण अभियान, बच्चों, किशोर बालिकाओं, गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं के पोषण में सुधार लाने के लिए शुरू किया गया था। इस वर्ष राष्ट्र आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, इसलिए पूरे में महीने में इसकी विषय-वस्तु को साप्ताहिक आधार पर वर्गीकृत किया किया गया है। इनमें पोशन वाटिका के रूप में पौधरोपण गतिविधियां, पोषण के लिए योग और आयुष, जिलों के आंगनवाड़ी लाभार्थियों को पोषण किट का वितरण और गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान और पौष्टिक भोजन का वितरण करना शामिल है।