प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज मुक्त, खुले और समावेशी भारत-प्रशांत क्षेत्र पर भारत द्वारा विशेष ध्यान केन्द्रित करने और क्षेत्र में आसियान की केन्द्रीयता पर जोर दिया। उन्होंने वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से ब्रुनेई द्वारा आयोजित 16वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेते हुए यह बात कही। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत सभी देशों की बहुपक्षीय, नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था, अंतर्राष्ट्रीय कानून और प्रभुसत्ता तथा क्षेत्रीय अखण्डता के साझा मूल्यों की सशक्त सम्मान के प्रति वचनबद्ध बना हुआ है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि वे कल 18वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में भाग लेने की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं।
पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन, भारत-प्रशांत सागर क्षेत्र के महत्वपूर्ण नेताओं का मंच है। 2005 में इसकी स्थापना हुई थी। इस मंच ने पूर्वी एशिया के सामरिक और भोगोलिक राजनीतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान किया है। आसियान के दस सदस्यों के अलावा पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमरीका और रूस शामिल हैं। भारत संस्थापक सदस्य होने के नाते पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन को सशक्त और सामयिक चुनौतियों से निपटने के लिए इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।