पीएम मोदी ने कहा, चुनाव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ शहरों का विकास नहीं किया जा सकता

पीएम मोदी ने कहा, चुनाव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ शहरों का विकास नहीं किया जा सकता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहरों और शहरी क्षेत्रों के नियोजन में व्यापक दृष्टिकोण रखने का आग्रह किया है। गुजरात के गांधी नगर में भाजपा शासित नगर निकायों के महापौरों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि शहरी विकास का लक्ष्य केवल चुनाव जीतने के एक मात्र उद्देश्य से हासिल नहीं किया जा सकता।

आजादी के अमृतकाल में अगले 25 वर्ष के लिए भारत के शहरी विकास का एक रोडमैप बनाने में भी इस सम्‍मेलन की बड़ी भूमिका है। हमारे देश के नागरिकों ने शहरों के विकास को लेकर भाजपा पर जो विश्‍वास रखा है उसे निरंतर बनाये रखना हम सभी का दायित्‍व है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कई बार शहरों के लिए लाभकारी निर्णय केवल इसलिए नहीं लिए जाते कि उनसे चुनाव में हार का भय बना रहता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को चुनाव केंद्रित होने की बजाय उपनगरों के विकास, बेहतर नियोजन और सड़क, पानी और सीवरेज व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास पर ध्यान देना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नगर निगमों से लोगों का सीधा संबंध है इसलिए महापौरों की ये जिम्‍मेदारी है कि वे नागरिकों का विश्‍वास जीतें।

आपको भी अपने शहरों को उस स्तर पर ले जाना है कि आने वाली पीढ़ियां आपको याद करके कहें कि हां, हमारे शहर में एक मेयर हुआ करते थे, तभी इतना बड़ा परिवर्तन आया था। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास, ये जो वैचारिक परिपार्टी भाजपा ने अपनाई है। यहीं हमारे गवर्नेंस मॉडल को दूसरों से अलग करता है।

प्रधानमंत्री ने महापौरों से, नियोजित शहरी विकास, आर्थिक क्षेत्र का निर्माण, शहरों में बेहतर परिवहन व्‍यवस्‍था और आवास तथा स्‍वच्‍छता पर ध्‍यान केन्द्रित करने को कहा।

उन्‍होंने कहा कि देश में एक हजार किलोमीटर से अधिक मेट्रो नेटवर्क का काम चल रहा है। भाजपा सरकार शहरों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्‍ध कराने पर ध्‍यान दे रही हैं।

आजादी के अमृतकाल में आज भारत अपने अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व निवेश कर रहा है। 2014 तक हमारे देश में मैट्रो नेटवर्क ढ़ाई सौ किलोमीटर से भी कम था, आज देश में मैट्रो नेटवर्क सात सौ 75 किलोमीटर से भी ज्यादा हो चुका है। एक हजार किलोमीटर के नये मैट्रो रूट पर काम चल रहा है। हमारा प्रयास है कि हमारे शहर होलिस्टिक लाइफ टाइप का भी केन्द्र बने। आज सौ से अधिक शहरों में स्मार्ट सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। इन अभियान के तहत अभी तक देश भर में 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट पूरे किए जा चुके हैं।

गुजरात में गांधीनगर में हो रहे दो दिन के महापौर सम्मेलन में 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से भाजपा शासित नगर निकायों के 118 महापौर और उप-महापौर इसमें भाग ले रहे हैं।

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