केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को उसके 67वें स्थापना दिवस समारोह पर शुभकामनाएं देते हुए दिल्ली की योजना और विकास में डीडीए की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह कुछ हद तक उनके प्रयासों का ही नतीजा है कि दिल्ली एक विश्व स्तरीय शहर बनने की राह पर है।
डीडीए ने अपना 67वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना इस कार्यक्रम में शामिल हुए। शुभाशीष पांडा, डीडीए उपाध्यक्ष, विजेंद्र गुप्ता, विधायक, ओ पी शर्मा, विधायक, विजय कुमार सिंह, वित्त सदस्य डीडीए और अशोक कुमार गुप्ता, इंजीनियर सदस्य डीडीए सहित दिल्ली विकास प्राधिकरण के सदस्य भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर अपने संबोधन में हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि डीडीए का सबसे उल्लेखनीय योगदान यह सुनिश्चित करने का प्रयास रहा है कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर समुदाय और वंचित वर्ग एक ऐसा शहर बनाने की महत्वाकांक्षा में पीछे न रह जाएं जो बदलते समय के साथ तालमेल बनाए रखे। इसने यथावत स्लम पुनर्वास परियोजना के तहत सफलतापूर्वक घर उपलब्ध कराए हैं और पीएम उदय के तहत दिल्ली की 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को स्वामित्व अधिकार प्रदान करने की प्रक्रिया में भी है।
उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि डीडीए के अध्यक्ष के रूप में मैं पिछले डेढ़ साल से डीडीए की सभी परियोजनाओं में व्यक्तिगत रूप से शामिल रहा हूं और गर्व से कह सकता हूं कि मैं राष्ट्रीय राजधानी को स्वरुप देने में डीडीए की कड़ी मेहनत से बहुत प्रभावित हूं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली एक मिश्रित और जीवंत शहर है जहां कई एजेंसियां काम कर रही हैं और सरकार तथा इसकी एजेंसियों से लोगों की आकांक्षाएं बहुत बड़ी हैं। इन्हें पूरा करना कोई आसान काम नहीं है, लेकिन मैं यही कहूंगा कि डीडीए ने शहर के समग्र विकास में अहम भूमिका निभाई है।
डीडीए कर्मचारियों के योगदान की सराहना करने के लिए इस संगठन में अधिकारियों और कर्मचारियों को उत्कृष्ट योगदान के लिए कई सम्मानित किया गया। इसके अलावा सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर डीडीए की उपलब्धियों पर प्रकाश डालने वाली एक कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया गया और डीडीए की एक कॉर्पोरेट फिल्म भी लॉन्च की गई।
स्थापना दिवस के क्रम में डीडीए ने कई कार्यक्रम आयोजित किए जिसमें ‘नए विचार, नए नवाचार और डीडीए का आगे का रास्ता’ विषय पर एक विचार-मंथन सत्र भी आयोजित किया गया, जहां सभी विभागों ने डीडीए के उपाध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुति दी।
इसके अलावा, डीडीए के उपाध्यक्ष ने आने वाली चुनौतियों और अवसरों के संबंध में युवा अधिकारियों के दृष्टिकोण को समझने के लिए उनके साथ बातचीत भी की। इस अवसर पर इनडोर और आउटडोर दोनों तरह की विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।