एनआईए की विशेष अदालत ने आज पटना में 2018 के बोधगया आईईडी विस्फोट मामले में दोषी ठहराये गए जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश-जेएमबी के तीन सदस्यों को आजीवन कारावास और पांच अन्य को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इन आंतकियों ने विस्फोट का षडयंत्र उस समय रचा था, जब तिब्बत के धार्मिक गुरू दलाई लामा अनेक बोद्ध तीर्थयात्रियों के साथ गया में महीने भर चलने वाली कालचक्र पूजा में हिस्सा लेने आये थे।
एनआईए की विशेष अदालत के अपर जिला और सत्र न्यायाधीश गुरविन्दर सिंह मलहौत्रा ने पैगम्बर शेख, अहमद अली उर्फ कालू और नूर आलम नुमानी को भारतीय दंड संहिता, विस्फोट पदार्थ अधिनियम और गैर कानूनी गतिविधियां निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।