रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और मीडिया को इसमें सहयोगी बनना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की साप्ताहिक पत्रिका पांचजन्य के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि मीडिया को सिर्फ आलोचना के लिए आलोचना नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित के मुद्दे पर मीडिया को देश के साथ खड़ा होना चाहिए।
राजनाथ सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने मिलकर जागरुक समाज के सृजन के लिए प्रयास किए जो स्वतंत्रता के तुरंत बाद बेहद आवश्यक था। रक्षामंत्री ने कहा कि पत्रकारिता दीन दयाल जी का एक मात्र मिशन था लेकिन इसके साथ-साथ उन्होंने राष्ट्रवादी पत्रकारों की एक पूरी श्रृंखला का निर्माण किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा ‘पांचजन्य’ पर बार-बार की गई कार्रवाई को राष्ट्रवादी पत्रकारिता पर हमला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान लागू करते समय हमारे संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद-19 में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित की थी। लेकिन राष्ट्रवादी विचारधारा को कुचलने के लिए तत्कालीन शासकों ने संविधान में संशोधन कर उस पर प्रतिबंध लगा दिया।
कार्यक्रम में, केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि कुछ अंतरराष्ट्रीय अखबार भारत के खिलाफ एजेंडा चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय देश में लाखों लोगों के मारे जाने की बात कही गई थी लेकिन भारत में मृत्यु दर सबसे कम रही और हमने कोरोना से लड़ने के लिए पूरी दुनिया को पहला टीका दिया।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार ने ऐसे मीडिया समूह के खिलाफ कार्रवाई की है जो भारत को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं- चाहे वे देश के अंदर से चल रहे हों या बाहर से।