रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश की सेनाएं सीमा पर अपनी ड्यूटी के अलावा हर स्थिति का मुकाबला करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल अपनी प्रतिबद्धता और अनुशासन के लिए दुनिया में सबसे अच्छा उदाहरण हैं। राजनाथ सिंह आज नई दिल्ली में आयोजित केन्द्रीय सैनिक बोर्ड की बैठक में सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों को संबोधित कर रहे थे।
केंद्रीय मंत्री ने कोविड महामारी के दौरान समाज की सेवा करने के पूर्व सैनिकों के निस्वार्थ प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये पूर्व सैनिक देश में किसी भी आपदा से लड़ने में अपना योगदान देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिक राष्ट्रीय संपत्ति हैं और देश को उन पर गर्व है।
रक्षामंत्री ने बताया कि कुछ राज्यों ने पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार सृजित करने की नई पहल की है, हालांकि इसमें अभी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मौजूदा 34 लाख भूतपूर्व सैनिकों की संख्या में हर साल करीब 60 हजार जवानों को जोड़ा जाता है। इसलिए इन पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की देखभाल करना सरकार की एक बड़ी जिम्मेदारी है।
रक्षामंत्री ने कहा कि राज्य और जिला स्तरीय सैनिक कल्याण बोर्डों सैनिक कल्याण और कल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रहे हैं। वर्तमान में देश में 34 राज्य सैनिक और 409 जिला सैनिक कार्यालय हैं। यह बैठक पूर्व सैनिकों के कल्याण के मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी।
