त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में विधानसभा चुनाव के लिए सभी दलों नेता प्रचार में जुटे हैं। त्रिपुरा के अंबासा मेंएक जनसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पांच साल में त्रिपुरा में हर नागरिक को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है और विकास का डबल इंजन रूकेगा नहीं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पुरानी सरकारों में हिंसा का राज था लेकिन राज्य में भाजपा सरकार ने विकास का राज स्थापित किया गया है। प्रधानमंत्री ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए गठबंधन के सहयोगियों पर राज्य के विकास को पीछे ले जाने का आरोप लगाया। त्रिपुरा में बृहस्पतिवार को मतदान होगा। उधर, नागालैंड में विधानसभा चुनाव में चार महिलाओं सहित कुल 183 उम्मीदवार मैदान में हैं।
मेघालय में विधानसभा चुनाव के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने घोषणा पत्र जारी कर दिए हैं।
मेघालय में चार राष्ट्रीय दलों सहित 13 राजनीतिक दल 60 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। राष्ट्रीय दलों में भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, नेशनल पिपुल्स पार्टी और तृणमूल कांग्रेस शामिल है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस 60 – 60 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 56 उम्मीदवार खड़े किए हैं। मुख्यमंत्री कानरेड के. संगमा की एनपीपी पार्टी ने 57 प्रत्याशियों को टिकट दिए है। मेघालय विधानसभा चुनाव में यू.डी.पी. जहां 46 सीटों पर चुनाव लड़ रही है वहीं वी.पी.पी. ने 18 और एच.एस.पी.डी.पी. ने 11 सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए हैं। एच.एस.पी.डी.पी. ने मुख्य तौर पर रि-भोई, ईस्ट खासी हिल्स और वेस्ट खासी हिल्स जिलों में उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, जनता दल यूनाइटेड और गारो नेशनल काउंसिल भी किस्मत आज़मा रही हैं। 44 निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी जीत के लिए दम खम लगाये हुए हैं।
मेघालय और नागालैंड में 27 फरवरी को मतदान होगा।