मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में आज सदन के पटल पर विश्वास मत प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने सरकार के पक्ष में अपनी राय रखी। इस बीच विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने विशेष सत्र के प्रारंभ होने से पहले सदन से बाहर विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय जनता पार्टी ने अंकिता हत्या के मामले की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो-सी बी आई से कराने और पलामू में पांडु परिवारों को नुकसान पहुंचाने वालों को कड़ी सजा दिलाये जाने की मांग की है।
भारतीय जनता पार्टी विधायक बिरंची नारायण ने कहा है कि विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराये जाने की कोई जरूरत नहीं थी, क्योंकि भाजपा , राज्यपाल, उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय किसी ने भी सदन में बहुमत सिद्ध करने की मांग नहीं की है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सदन में बोलने का समय मिलना चाहिए।
