जी-20 देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों ने 1 बार फिर विश्व में स्वास्थ्य सुविधाओं का ढांचा मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जारी रखने की पुष्टि की है। इसका उद्देश्य विश्व में स्वास्थ्य सुविधाओं को अनुकूल, टिकाऊ और समावेशी बनाना है तथा सभी के लिए उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से निम्न और मध्यम आय वर्ग वाले देशों तथा छोटे विकासशील द्वीपों में इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही है। सूत्रों के अनुसार इस महीने की 19 तारीख को गांधीनगर में संपन्न हुई जी-20 के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने की आवश्यकता का संकल्प दोहराया गया। साथ ही भविष्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को समेकित रूप से मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। इस बैठक के बाद जारी दस्तावेज में यूक्रेन के भूराजनैतिक स्थिति पर केंद्रित भाग को छोड़कर अन्य सभी मुद्दों पर सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की गई।
गांधीनगर में बैठक बाद जारी दस्तावेज में कहा गया है कि स्वास्थ्य मंत्री विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिवेशन के लिए वैधानिक तौर पर सरकारों के बीच बातचीत के लिए बने संगठन की सफलता और महामारियों पर रोक की तैयारी और उनके संबंध में प्रतिक्रिया के लिए मई 2024 तक अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था बनाने या समझौते पर सहमति का प्रयास करेंगे। स्वास्थ्य मंत्रियों ने जलवायु परिवर्तन के असर को देखते हुए इसके अनुकूल स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने जलवायु परिवर्तन के अनुकूल स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करने की प्राथमिकता पर भी प्रतिबद्धता व्यक्त की।