जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव पंकज कुमार ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत विभाग की विभिन्न गतिविधियों की प्रगति समीक्षा की

जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव पंकज कुमार ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत विभाग की विभिन्न गतिविधियों की प्रगति समीक्षा की

स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस), 2023 अभियान के अंतर्गत, जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव पंकज कुमार ने राष्ट्रव्यापी अभियान की सफलता हेतु विभाग द्वारा अपनाई गई विभिन्न गतिविधियों के कार्यान्वयन की प्रगति/स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। विभाग द्वारा अभियान के तहत अब तक कुल 161 गतिविधियाँ/कार्यक्रम किये गये हैं, जिनमें लगभग 7232 लोगों ने भाग लिया। इसमें श्रमदान में 2066 और सामूहिक लामबंदी में 2481 लोगों की भागीदारी रही, एसएचएस अभियान के लिए 14,178 मानव श्रम घंटों का योगदान किया गया।

‘कचरा मुक्त भारत’ थीम वाले एसएचएस अभियान के तहत संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण का पालन करते हुए, जल शक्ति मंत्रालय ने अपने संगठनों जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के माध्यम से स्वच्छता अभियान पर ध्यान केंद्रित करते हुए तिथि-वार कार्य योजना विकसित की है ताकि विभाग के अंतर्गत प्रत्येक संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से अभियान के उद्देश्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान किया जा सके।

विभाग ने अभियान की थीम के अनुरूप निम्नलिखित विशिष्ट गतिविधियों का चयन किया था:

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) और राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय (एनआरसीडी) द्वारा घाटों और आस-पास के क्षेत्रों की सफाई की जा रही है।

राज्य सरकारों के सहयोग से केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) द्वारा बांधों और आसपास के क्षेत्रों में सफाई (तैरते कचरे सहित) की जा रही है।

विभाग के विभिन्न संगठनों के मुख्यालयों के पास नदी तटों की सफाई की जा रही है।

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