लोक आस्था का महापर्व छठ देश के विभिन्न भागों में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। छठ पर्व अनुष्ठान में आज श्रद्धालु अस्तांचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे।
विक्रम संवत के कार्तिक माह में मनाया जाने वाला छठ पर्व जीवन के लिये सूर्य और धरती के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है।
छठ गीतों से पूरा माहौल गूंजायमान हो रहा है। नदियों, तालाबों और जलाशयों के किनारे श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। घाटों की ओर जाने वाली सड़कों को आकर्षक और मनमोहक ढंग से सजाया गया है। घुटने भर पानी में खड़े होकर श्रद्धालु आज शाम डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे। औरंगाबाद के देव, नालंदा के बडगांव और पालीगंज के उलार सूर्य मंदिरों में काफी संख्या में श्रद्धालु छठ पर्व मनाने के लिए आये हुए हैं। छठ महापर्व के दौरान पवित्रता और स्वच्छता का काफी ध्यान रखा जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से छठ महापर्व का अनुष्ठान करते हैं, उनकी मनोकामना पूरी हो जाती है।
छठ पूजा का समापन कल उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पण के साथ होगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छठ के पर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छठ के पावन अवसर पर लोगों को बधाई दी है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि छठ पर्व भगवान सूर्य और प्रकृति की पूजा को समर्पित है। उन्होंने भगवान सूर्य और छठी मइया के आर्शीवाद से सब का जीवन आलोकित रहने की प्रार्थना की।