चेन्नई और तिरुवल्लूर में चक्रवात मिगजोम के बाद, चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड -सीपीसीएल में एन्नोर क्रीक में तेल रिसाव पाया गया है। तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी से आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कल मुख्य सचिव शिव दास मीना की अध्यक्षता में राज्य तेल संकट प्रबंधन समूह की बैठक हुई। समिति ने एन्नोर क्रीक क्षेत्र में चल रहे कार्यों और गांवों में इसके प्रभाव की समीक्षा की।
समिति को बताया गया कि तेल के फैलाव को रोकने के लिए तेल बूमर लगाए गए थे। खाड़ी से तेल निकालने के लिए कल एक ऑयल स्किमर मशीन को लगाया गया। अगले दो दिनों में चार और ऑयल स्किमर तैनात करने की योजना है। बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए 75 नौकाओं और 300 कर्मियों को लगाया गया है।
ये नावें सतह से तेल सोखने और उसे सुरक्षित रूप से ले जाने का काम करती हैं। पानी की सतह से तेल सोखने के लिए चार मशीनें तैनात की गई हैं। आसपास के गांवों से तेल से लथपथ मलबे की सफाई को लेकर जेसीबी और अन्य उपकरणों से काम शुरू हो गया है।
सीपीसीएल को अधिक संख्या में ऑयल बूमर, स्कीमर और प्रशिक्षित जनशक्ति की तैनाती करके तेल हटाने के कार्य को और तेज करने का निर्देश दिया गया है। आसपास के गांवों में लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ शिविर लगाए हैं।
पशुपालन विभाग ने आस-पास के गांवों में प्रभावित आवारा और पालतू जानवरों के इलाज के लिए विशेष शिविर लगाए हैं। वन विभाग, टीएनपीसीबी और पर्यावरण विभाग की टीमों को निगरानी के लिए जमीन पर तैनात किया गया है।
सीपीसीएल को यह सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया गया है कि ऑपरेशन में लगे लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा के लिए शमन कार्य के दौरान सभी एहतियाती कदम उठाए जाएं। तेल संकट प्रबंधन समूह ने आयुक्त, ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन और मत्स्य पालन निदेशक को प्रभावित परिवारों की व्यापक समीक्षा करने और राहत आयुक्त को सूची सौंपने का निर्देश दिया।