केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली आने वाले पांच वर्षों में विश्व की सबसे अधिक आधुनिक प्रणाली होगी। अमित शाह ने आज गांधीनगर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस युनिवर्सिटी में डिजिटल फॉरेंसिक्स के उत्कृष्टता केंद्र के उद्घाटन के बाद यह बात कही।
उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में 150 वर्ष पुरानी आपराधिक न्याय प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किये हैं। सरकार तीन नए कानून भी लेकर आई है। सरकार ने सात वर्षों से अधिक पुराने अपराधों की जांच में फॉरेंसिक विशेषज्ञों को शामिल करना अनिवार्य भी कर दिया है। आपराधिक न्याय प्रणाली में फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मांग को पूरा करने के लिए नेशनल फॉरेंसिक साइंस युनिवर्सिटी की स्थापना की गई है।
अमित शाह ने कहा कि नेशलन फॉरेंसिक साइंस युनिवर्सिटी न सिर्फ क्षमता निर्माण में सहायक होगी, बल्कि यह जांच में भी मददगार होगी। अमित शाह ने जांच के बाहर फॉरेंसिक साइंस के इस्तेमाल पर भी बल दिया।
उन्होंने अपराध को रोकने में व्यवहार संबंधी फॉरेंसिक विज्ञान के प्रयोग की बात कही। अमित शाह ने कहा कि सरकार समय पर न्याय सुनिश्चित करने और जांच की दर सुधारने के प्रति वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार जांच को दुरुस्त करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आंकड़ों के एकीकरण पर भी कार्य कर रही है।
अमित शाह ने कहा कि भारतीय आपराधिक और न्यायिक प्रणाली के समक्ष चुनौतियों से निपटने में प्रौद्योगिकी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।