कॉप-28 के अध्यक्ष संयुक्त अरब अमीरात ने विश्व नेताओं के बीच आज जलवायु संबंधित निवेश संस्था अल्टेरा को 30 अरब डॉलर देने की घोषणा की। इसके साथ ही जलवायु कार्रवाई के लिए समर्पित निजी संस्था अल्टेरा सबसे बडा संस्थान बन गई है। यह संस्था वर्ष 2030 तक 250 अरब डॉलर का निवेश करेगी। कॉप-28 के अध्यक्ष डॉक्टर सुल्तान अल जबर ने कहा कि अल्टेरा की स्थापना से अंतर्राष्ट्रीय जलवायु वित्त में नया युग शुरू होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने आज दुबई में कॉप-28 की एक उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दुबई में कॉप-28 की एक उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित किया। उन्होंने विश्व नेताओं को भारत के 140 करोड लोगों की ओर से शुभकामनाएं दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत जलवायु न्याय, जलवायु वित्त और ग्रीन क्रेडिट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का निरंतर समर्थन करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सामूहिक प्रयासों पर बल देते हुए कहा कि मानवता के कल्याण के लिए इस मुद्दे पर सभी के हित और सार्वभौमिक भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विकास मॉडल तथा अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी तंत्र के बीच संतुलन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की 17 प्रतिशत आबादी का घर है लेकिन वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में उसकी हिस्सेदारी चार प्रतिशत से नीचे बनी हुई है। उन्होंने बताया कि भारत अपने नेशनल डिटरमाइंड कंट्रीबुशन-एडीसी लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में बढ रहा है। वह उत्सर्जन घटाने का लक्ष्य 11 वर्ष पहले और गैर खनिज ईंधन का लक्ष्य नौ वर्ष पहले प्राप्त कर लेगा। इसके महत्वाकांक्षी लक्ष्यों में वर्ष 2030 तक 30 प्रतिशत उत्सर्जन घटाने और वर्ष 2070 तक गैर खनिज ईंधन की हिस्सेदारी बढाकर 50 प्रतिशत करने और नेट जीरो उत्सर्जन शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रीन क्रेडिट पहल का प्रस्ताव किया। इसमें व्यवसायिक पहल से अलग आम जनता को कार्बन क्रेडिट देने का प्रस्ताव किया गया है। इससे कार्बन उत्सर्जन से जुडे मुद्दों के सम्बंध में आम जनता की भागीदारी बढेगी। उन्होंने विश्व नेताओं से निजी हितों से आगे बढने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसके लिए संतुलित, जलवायु वित्त और प्रौद्योगिकियों आदि को लेकर संतुलित नीति अपनानी चाहिए।