केरल सरकार ने पॉपुलर फ्रंट के नेताओं की संपत्तियां जब्त करने में विफल रहने पर केरल हाई कोर्ट से माफी मांगी

केरल सरकार ने प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट के नेताओं और कार्यकर्ताओं की संपत्तियों को जब्त करने में विफल रहने पर केरल उच्‍च न्‍यायालय से आज बिना शर्त माफी मांगी।

पिछले 23 सितम्‍बर को पॉपुलर फ्रंट के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई हड़ताल के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद उच्‍च न्‍यायालय ने फ्रंट नेताओं और कार्यकर्ताओं की पांच करोड़ 20 लाख रुपये की संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया था।

न्‍यायालय ने कहा कि वह सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में बहुत गंभीर है और इस मामले से सख्ती से निपटा जाना चाहिए। सरकार ने यह कहते हुए कि देरी जानबूझकर नहीं की गई है, न्‍यायालय के आदेश के अनुपालन के लिए कुछ और समय मांगा। मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।

इस बीच, न्‍यायालय ने पॉपुलर फ्रंट के प्रमुख नेता अब्दुल सत्तार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न अदालतों में पेश होने की अनुमति दे दी है जो फिलहाल जेल में है। सत्तार के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल पर पूरे राज्य में लगभग 140 मामले दर्ज हैं और उनके खराब स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें इन मामलों में व्यक्तिगत पेशी से छूट दी जानी चाहिए।

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