केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेज में कहा है कि वह फांसी की सजा के विकल्प पर विचार के लिए एक समिति का गठन करेगी। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश धनंजय यशवंत चन्द्रचूड की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष आज अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने यह दस्तावेज पेश किया। मामले की अगली सुनवाई अब जुलाई में होगी।
उच्चतम न्यायालय में अधिवक्ता ऋषि मल्होत्रा ने मृत्यु दंड की सजा पाए व्यक्तियों के लिए फांसी के स्थान पर कम पीडादायक तरीके अपनाए जाने के लिए याचिका दायर की थी। याचिका में फांसी पर लटकाने के बजाय घातक इंजेक्शन, गोली चलाने अथवा बिजली तथा गैस चैम्बर जैसे विकल्प सुझाए गए थे।