केंद्र सरकार ने ऑटोमोबाइल निर्माताओं को 6 महीने के अंदर फ्लेक्‍स ईंधन वाहनों, फ्लेक्‍स फ्यूल स्‍ट्रोंग हाइब्रिड इलेक्‍ट्रिक वाहनों का निर्माण करने की सलाह दी

केंद्र सरकार ने ऑटोमोबाइल निर्माताओं को 6 महीने के अंदर फ्लेक्‍स ईंधन वाहनों, फ्लेक्‍स फ्यूल स्‍ट्रोंग हाइब्रिड इलेक्‍ट्रिक वाहनों का निर्माण करने की सलाह दी

केंद्र सरकार ने देश में ऑटोमोबाइल निर्माताओं को 6 महीने की अवधि के भीतर समयबद्ध तरीके से बीएस-6 मापदण्‍डों का अनुपालन करने वाले फ्लेक्‍स ईंधन वाहनों और फ्लेक्‍स फ्यूल स्‍ट्रोंग हाइब्रिड इलेक्‍ट्रिक वाहनों के निर्माण को शुरू करने की सलाह दी है। आज कई ट्वीटस में सडक परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि यह सुझाव प्रधानमंत्री के आत्‍मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण और परिवहन ईंधन के रूप में इथेनॉल को बढावा देने की सरकार की नीति के अनुरूप दिया गया है। उन्‍होंने कहा कि फ्लेक्‍स ईंधन वाहन शत-प्रतिशत पेट्रोल या शत-प्रतिशत बायो-इथेनॉल तथा उनके मिश्रणों के संयोजन पर चलने में सक्षम है।

नितिन गडकरी ने कहा कि इस कदम से वाहनों से ग्रीन हाउस गैस उत्‍सर्जन में भारी कमी आएगी। उन्‍होंने कहा कि इससे भारत को 2030 तक कुल अनुमानित कार्बन उत्‍सर्जन को एक अरब टन तक कम करने के लिए सीओपी-26 में की गई अपनी प्रतिबद्धता का पालन करने में मदद मिलेगी।

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