ओलिंपिक की उपलब्धियों को गति देने के लिए दूर-दराज के गांवों सहित देश के प्रत्‍येक भाग में खेल स्‍पर्धाएं आयोजित की जानी चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

ओलिंपिक की उपलब्धियों को गति देने के लिए दूर-दराज के गांवों सहित देश के प्रत्‍येक भाग में खेल स्‍पर्धाएं आयोजित की जानी चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने देशवासियों से कहा है कि हाल ही में सम्‍पन्‍न तोक्‍यो ओलिम्पिक के माध्‍यम से देश में खेलों को जो गति मिली है उसे और आगे बढ़ायें तथा खेल संस्‍कृति को बढ़ावा देने के लिए वह सब कुछ करें जो वे कर सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि देश को इस अवसर का लाभ उठाते हुए विभिन्‍न खेलों में महारत हासिल करनी चाहिए।

मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गांवों और देश के अन्‍य भागों में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाना चाहिए क्‍योंकि प्रतिस्‍पर्धा के माध्‍यम से खेलों का विकास होता है। उन्‍होंने कहा कि इस बार ओलिम्पिक ने लोगों की मानसिकता पर गहरा प्रभाव डाला है और खेलों की दुनिया में भारत की जो उपलब्धियां रही हैं, वह विश्‍व की तुलना में शायद कम हो लेकिन भारतीयों के विश्‍वास को मजबूत करने के लिए पर्याप्‍त है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि युवा केवल खेल देखते हैं, बल्कि वे खेलों से जुड़ने की संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि अब हर परिवार में खेलों पर चर्चा होने लगी है। इस गति को बनाये रखने की आवश्‍यकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गांवों और शहरों में खेल के मैदानों पर खेल से जुड़ी गतिविधियों जारी रहनी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से ही भारत, खेलों की दुनिया में नई बुलंदियों पर पहुंच पाएगा।

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