इजराइल ने हमास के हमले के जवाब में ऑपरेशन स्‍वॉर्ड ऑफ आइरन शुरू किया

हमास के हमलों के जवाब में, इस्रायली सेना ने ऑपरेशन स्वोर्ड ऑफ आयरन शुरू किया है। इसराइल में, हमास के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 300 से अधिक हो गई है और 1500 लोग घायल हैं। इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में हमास लड़ाकों के 17 परिसरों तथा 4 ऑपरेशनल कमान केंद्रों को निशाना बनाया है जिनमें 230 से अधिक लोग मारे गए हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने हमास की कड़ी निंदा करते हुए युद्ध की घोषणा की है।

खबरों के अनुसार, हमास के हमलों में इसराइल में शार हेनेगेव क्षेत्रीय परिषद के प्रमुख ओफिर लिब्सटीन की भी मौत हो गई है। इजराइल के कई नागरिकों को गाजा में बंधक बना लिया गया है।

इस बीच, विश्व के प्रमुख नेताओं ने हमास आतंकियों के इजरायल पर हमले की निंदा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए कहा है कि संकट की इस घड़ी में भारत की संवेदना इजरायल के निर्दोष पीड़ितों और उनके परिजनों के साथ है।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो. बाइडेन ने कहा है कि आतंकवाद को किसी भी सूरत में तर्कसंगत नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि अमरीका इजरायल की सरकार और जनता के साथ है। राष्ट्रपति बाइडेन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर आत्मरक्षा के इजरायल के अधिकार के प्रति अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने हमास के हमले पर आश्चर्य प्रकट किया है।

हमास के हमले के बाद, फिलिस्तीन में भारत के प्रतिनिधि कार्यालय ने रामल्ला में रह रहे भारतीय नागरिकों से आपात स्थिति में संपर्क करने को कहा है। कार्यालय ने इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। नंबर है-0592-916418. व्हाट्सऐप नंबर है-:970-59291641.

इससे पहले, शनिवार को हमास ने गाजा से इजरायल में कई रॉकेट दागे। ये रॉकेट इजरायल के कई शहरों में गिरे। इनमें तेल अवीव, रेहोवोट, गेदेरा और एश्केलॉन शामिल हैं। हमास के कई आतंकियों में गजा पट्टी से इजरायल की सीमा में प्रवेश किया और कई इजरायली शहरों पर कब्जा कर लिया। खबरों के अनुसार, हमास के सैन्‍य कमांडर मोहम्‍मद अल दीफ ने ऑपरेशन अल अक्‍सा स्‍टॉर्म की अपील की थी और इजरायल पर हमले का आह्वान किया था। दीफ ने यह अपील महिलाओं पर हमले, येशूशेलम में अल अक्‍सा मस्जिद को अपवित्र किये जाने और गजा पर नियंत्रण के विरोध में की थी।

Related posts

Leave a Comment