कतर से आठ पूर्व भारतीय नौसैनिकों को रिहा करने की खबर आज अधिकांश अखबारों की बडी सुर्खी बनी है। राजस्थान पत्रिका ने इसे बडी कूटनीतिक जीत लिखा है। राष्ट्रीय सहारा इसे मोदी मैजिक बताता है और हिन्दुस्तान का कहना है- चौतरफा प्रयास का नतीजा। नवभारत टाइम्स ने बडे अक्षरों में लिखा है- पी एम ने खुद रखी थी नजर। स्वदेश लौटे रिहा किये गए लोगों के चित्र के साथ प्रधानमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित करने की खबर पर हरिभूमि सहित कई अखबारों ने टिप्पणियां की है।
भारत की यूपीआई सेवा की श्रीलंका और मॉरिशस में शुरूआत को अखबारों ने ऐतिहासिक संबंधों को आधुनिक प्रौद्योगिकी से जोडने वाला बताया है। हरिभूमि ने इसे पहली खबर बनाते हुए लिखा है- श्रीलंका और मॉरिशस भी यूपीआई का डंका, डिजिटल लेनदेन को बढावा मिलेगा।
बिहार में नीतीश सरकार के विधानसभा में बहुमत हासिल करने को भी अखबारों ने एहमियत दी है। राष्ट्रीय सहारा के शब्द हैं- खेल तो खूब हुआ, फिर भी जीते नीतीश कुमार।
हिन्दुस्तान लिखता है- महाराष्ट्र में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कांग्रेस छोडी।
अखबारों ने जयंत चौधरी के एनडीए में शामिल होने के फैसले को बडे अक्षरों में लिखा है।
जनसत्ता ने विधि आयोग के भविष्य की चुनौतियों का हवाला देते हुए कानून मंत्री को लिखे पत्र में महामारी अधिनियम में बदलाव करने की सिफारिश को प्रमुखता दी है। आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए व्यापक बदलाव की सिफारिश की है।
राजस्थान पत्रिका ने रोजगार मेले में नियुक्ति पत्र दिखाते अभ्यर्थियों के चित्र के साथ लिखा है- नियुक्ति पत्र मिला तो चेहरे खिले।
दैनिक जागरण ने मतदाता जागरूकता से संबंधित तैयारियों पर लिखा है- जहां राजनीतिक दल आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर रहे हैं वहीं मतदाता सूची में आप भी जांच ले अपना नाम। पहचान पत्र बनाने का सही समय वर्ना परेशानी हो सकती है।