अमेरिका में उच्चतम न्यायालय ने चार सौ अरब डॉलर के छात्र ऋण को माफ करने की राष्ट्रपति जो. बाइडेन की योजना को खारिज कर दिया है। उच्चतम न्यायालय में तीन न्यायाधीश योजना के पक्ष में थे जबकि छह न्यायाधीश इस योजना के विरोध में थे। न्यायाधीशों ने दो करोड़ साठ लाख अमेरिकियों का ऋण माफ करने की बाइडेन की योजना को असंवैधानिक और राष्ट्रपति के अधिकार-क्षेत्र से बाहर बताया। एक दिन पहले ही उच्चतम अदालत ने कॉलेजों में नस्ल-आधारित दाखिलों को नामंजूर कर दिया था। उच्चतम न्यायालय ने हार्वर्ड समेत अमरीका के दो विश्वविद्यालयों को नस्ल आधारित दाखिला बंद करने का निर्देश दिया।
उच्चतम न्यायालय के ताज़ा फैसले को अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। अमेरिका में 2024 में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं और इसकी तैयारी में डेमोक्रेटिक पार्टी कई लोकलुभावन घोषणाएं कर रही है। लाखों छात्रों के शिक्षा ऋण को माफ करना भी इसी का हिस्सा था।