अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अमरूल्लाह सालेह ने गृह युद्ध से जूझ रहे अफगानिस्तान में मानवता के खिलाफ अत्याचार रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र से मदद मांगी है। संयुक्त राष्ट्र को लिखे एक पत्र में सालेह ने कहा है कि पंजशीर अफगानिस्तान का एकमात्र ऐसा प्रांत, है जो तालिबान के कब्जे में नहीं आया है, लेकिन आगे यहां बडी तबाही की आशंका है और बडी संख्या में अफगान नागरिकों के मारे जाने का खतरा है। पंजशीर अफगानिस्तान के पूर्व कमांडर अहमद शाह मसूद के पुत्र अहमद मसूद के नेतृत्व वाले नेशनल रेसिस्टेंस फ्रंट और पूर्व उपराष्ट्रपति अमरूल्लाह सालेह का गढ है। ये दोनों मिलकर तालिबान को जबरदस्त चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं। करीब ढाई लाख लोग पंजशीर घाटी में फंसे हुए हैं जिनमें स्थानीय महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और आंतरिक रूप से विस्थापित दस हजार लोग शामिल हैं।
Related posts
DRI की ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के अंतर्गत कोच्चि, मलप्पुरम और तिरुवनंतपुरम में नशीली दवाओं और साइकोट्रॉपिक पदार्थों की बड़ी मात्रा ज़ब्त की, 5 लोग गिरफ़्तार
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत केरल में नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी...
1 जून से 30 जून तक देशभर में चलेगा “खेत बचाओ अभियान”
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता फैलाने...
शादी की खुशियां शुरू होने से पहले ही मातम में बदल गईं, जब विवाह के कुछ घंटों के भीतर पायलट दूल्हे की मौत की खबर ने परिवार को झकझोर दिया।
दुल्हन की आंख खुली तो सीने पर था पायलट पति का शव, शादी के कुछ घंटे...