अटल नवाचार मिशन के M-ICDK 2.0 के विजेताओं ने नेक्स्ट जेनरेशन वाटर एक्शन (NGWA) ग्लोबल मल्टी-हब फाइनल में बड़ी जीत दर्ज की

नीति आयोग के परिसर में “नेक्स्ट जेनरेशन वाटर एक्शन (एनजीडब्ल्यूए) ग्लोबल मल्टी-हब प्री-इवेंट” का आयोजन किया गया, जिसके बाद वर्चुअल एनजीडब्ल्यूए ग्लोबल मल्टी हब फाइनल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल पांच छात्र टीमों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से दो ने निम्नलिखित पुरस्कार जीते-

आईडब्ल्यूए वर्ल्ड वाटर कांग्रेस स्कॉलरशिप- टीम हाइड्रोगेविट्रीसिटी
1000 यूरो का एक्सलरेशन स्कॉलरशिप अवार्ड- टीम बीएआरसीओ

अटल नवाचार मिशन, नीति आयोग भारत की तरफ से चुनौती प्रतिस्पर्धा के आयोजन में साझेदार थे। यह कार्यक्रम क्रमश: पांच देशों- मेक्सिको, भारत, दक्षिण कोरिया, कीनिया और डेनमार्क में आयोजित किया गया। एनजीडब्ल्यूए फाइनल में छात्रों के चुनाव के लिए अटल नवाचार मिशन और नीति आयोग ने एम-आईसीडीके 2.0 जल नवाचार चुनौती का आयोजन किया था। यह कार्यक्रम नवाचार केंद्र, डेनमार्क (आईसीडीके), डेनमार्क दूतावास और डेनमार्क तकनीकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के साथ साझेदारी में आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम व्यापक भारत-डेनिश द्विपक्षीय हरित रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा है।

जल क्षेत्र में नवाचार को बढ़ाने की कोशिशों को तेज करने के उद्देश्य से एम, नीति आयोग और डेनमार्क दूतावास के तहत आने वाले नवाचार केंद्र, डेनमार्क (आईसीडीके) के बीच सालों पुरानी महत्वकांक्षी साझेदारी के तहत, एम-आईसीडीके 2.0 जल नवाचार चुनौतियों का आयोजन शुरू किया गया था।

इस नवाचार का लक्ष्य, पहल का उद्देश्य कॉर्पोरेट और सार्वजनिक भागीदारों के सहयोग से प्रस्तावित चुनौतियों को हल करने के लिए नवीन और अगली पीढ़ी के समाधानों की पहचान करना है। यह कार्यक्रम पूरे देश से अग्रणी विश्वविद्यालयों और नवाचार केन्‍द्रों से युवा कौशल को उनके हुनर को ढालने और अपने तकनीकी अनुशासन को लागू करने का मौका देगा। यह कार्यक्रम उन्हें न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया में जल से जुड़ी चुनौतियों के प्रबंधन के लिए तकनीक आधारित नवाचार युक्त समाधान खोजने में अपने हुनर को इस्तेमाल करने का मौका देगा।

इस कार्यक्रम के विजेता, अंतरराष्ट्रीय जल कांग्रेस 2022 में भारत का प्रतिनिधित्व भी करेंगे। भारत में डेनमार्क दूतावास और डेनमार्क तकनीकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) ने भारतीय भागीदारों को डीटीयू द्वारा आयोजित एनजीडब्ल्यूए के लिए तैयार किया है। इस कार्यक्रम के विजेताओं ने भारतीय भागीदारों के तौर पर “ग्लोबल नेक्स्ट जेनरेशन वाटर एक्शन प्रोग्राम” में हिस्सा (एनजीडब्ल्यूए) लिया और अग्रणी विश्वविद्यालयों और नवाचार केन्‍द्रों के लोगों के साथ विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम में बात करते हुए भारत में डेनमार्क के उप राजदूत मार्टिन स्ट्रेंडगार्ड ने कहा, “एम और डेनमार्क दूतावास के आईसीडीके के बीच हुई साझेदारी डेनमार्क और भारत के बीच मजबूत संबंधों को प्रदर्शित करती है। यह बताती है कि कैसे हमारी हरित रणनीतिक साझेदारी आज के कुछ बेहद गंभीर मुद्दों को हल करने के लिए काम आ सकती है। जैसे भारत में जल संसाधनों तक पहुंच। मैं इसलिए भी बहुत खुश हूं कि इससे हमें भारत के युवा के साथ काम करने का मौका मिला। दुनिया के कुछ सबसे गंभीर मुद्दों को हल करने में आपकी सक्रियता, दुनिया को बेहतर और ज़्यादा संधारणीय स्थान बनाने की आपकी प्रतिबद्धता दर्शाती है। भले ही यह कार्यक्रम भारत की समस्याओं पर केंद्रित हो, लेकिन अगर हम इस बेहद बड़े और विविधता भरे देश में पर्यावरण समस्याओं का समाधान करने में कामयाब रहे, तो हर जगह हम ऐसा कर सकेंगे।”

नीति आयोग के सलाहकार अविनाश मिश्रा (जल संसाधन और भू संसाधन) ने कहा, “हम सब इस बात पर सहमत हो सकते हैं कि जल क्षेत्र की चुनौतियां, दूसरे क्षेत्र की चुनौतियों में भी बदल सकती हैं। भविष्य में यह सतत शहरीकरण, आबादी के बढ़ने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के चलते और भी जटिल हो जाएंगी। अटल नवाचार मिशन – नवाचार केंद्र, डेनमार्क (एम-आईसीडीके) जल नवाचार चुनौती प्रतिस्पर्धा इस पृष्ठभूमि में अहम हो जाती है।”

कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए अटल नवाचार मिशन के निदेशक डॉ चिंतन वैष्णव ने कहा, “एम-आईसीडीके जल नवाचार चुनौती प्रतिस्पर्धा भारत और डेनमार्क के बीच एक प्रतिनिधि कार्यक्रम है। यह देखना बेहद खुशी देता है कि दुनियाभर से युवा उद्यमी अपने विचारों को इस तरह के अंतरराष्ट्रीय फोरम पर एक ऐसे विषय पर रख रहे हैं, जो हमारी जिंदगी का हिस्सा है, मतलब जल के ऊपर। जल क्षेत्र में नवाचार कोई विलासिता नहीं हैं, बल्कि यह आज के समय की जरूरत है। मुझे खुशी है कि छात्रों ने यह जिम्मेदारी उठाई है।”

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