Spiritual

क्यों लगता है सूर्य ग्रहण, जानिए पौराणिक कथा

आप सभी को बता दें कि इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून यानी अगले रविवार को लगने जा रहा है। ऐसे में इस बार लगने वाला सूर्य ग्रहण खास होने वाला है। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा और सूर्य किसी चमकीले छल्ले की तरह नजर आएगा। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं इसके पौराणिक संबंध के बारे में। शास्त्रों को माना जाए तो समुद्र मंथन और सूर्य ग्रहण का पौराणिक संबंध है। वहीं ऐसी पौराणिक मान्यता है कि सूर्य ग्रहण का संबंध राहु-केतु ग्रह से जुड़ा है। कहा जाता है राहु और केतु ग्रहों की सूर्य और चंद्र से दुश्मनी है इस वजह से ग्रहण काल में कोई भी कार्य नहीं करने की सलाह दी जाती है।

अब आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण की पौराणिक कथा।

सूर्य ग्रहण की पौराणिक कथा – जब दैत्यों ने तीनों लोक पर अपना अधिकार जमा लिया था तब देवताओं ने भगवान विष्णु से मदद मांगी थी। तीनों लोक को असुरों से बचाने के लिए भगवान विष्णु का आह्वान किया गया था। तब भगवान विष्णु ने देवताओं को क्षीर सागर का मंथन करने के लिए कहा और इस मंथन से निकले अमृत का पान करने के लिए कहा। भगवान विष्णु ने देवताओं को चेताया था कि ध्यान रहे अमृत असुर न पीने पाएं क्योंकि तब इन्हें युद्ध में कभी हराया नहीं जा सकेगा। कहा जाता है भगवान के कहे अनुसार देवताओं ने क्षीर सागर में समुद्र मंथन किया। समुद्र मंथन से निकले अमृत को लेकर देवता और असुरों में लड़ाई हुई।

Read More : योगिनी एकादशी के व्रत से मिट जाते हैं सारे पाप, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

तब भगवान विष्णु ने मोहनी रूप धारण कर एक तरफ देवता और एक तरफ असुरों को बिठा दिया और कहा कि बारी-बारी सबको अमृत मिलेगा। इस बात को सुनकर एक असुर देवताओं के बीच वेश बदल कर बैठ गया, लेकिन चंद्र और सूर्य उसे पहचान गए और भगवान विष्णु को इसकी जानकारी दी,लेकिन तब तक भगवान उसे अमृत दे चुके थे। अमृत गले तक पहुंचा था कि भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से असुर के धड़ को सिर से अलग कर दिया, लेकिन तब तक उसने अमृतपान कर लिया था। हालांकि, अमृत गले से नीच नहीं उतरा था, लेकिन उसका सिर अमर हो गया। वहीं सिर राहु बना और धड़ केतु के रूप में अमर हो गया। भेद खोलने के कारण ही राहु और केतु की चंद्र और सूर्य से दुश्मनी हो गई। वहीं कालांतर में राहु और केतु को चन्द्रमा और पृथ्वी की छाया के नीचे स्थान प्राप्त हुआ है और उस समय से राहु, सूर्य और चंद्र से द्वेष की भावना रखते हैं,जिससे ग्रहण पड़ता है।

Khushi Bhargav

I am Khushi Bhargav a passionate Content Writer at Vikral News, who loves to share informative and engaging content on Trending News, Lifestyle, Entertainment, Current Affairs, and Viral Stories.

Leave a Comment

Recent Posts

दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के तेज झटके, अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का भूकंप; लोग घरों से बाहर निकले

दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के तेज झटके, अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का भूकंप; लोग घरों से… Read More

18 hours ago

आवास योजना को लेकर बड़ा अपडेट! पात्र लाभार्थियों के लिए सरकार ने जारी की नई जानकारी

आवास योजना को लेकर बड़ा अपडेट! पात्र लाभार्थियों के लिए सरकार ने जारी की नई… Read More

20 hours ago

भारत ने शुरू किया ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’, भूकंप प्रभावित वेनेजुएला को भेजी राहत सामग्री और मेडिकल सहायता

भारत ने शुरू किया 'ऑपरेशन अमिस्ताद', भूकंप प्रभावित वेनेजुएला को भेजी राहत सामग्री और मेडिकल… Read More

2 days ago

केतन अग्रवाल मर्डर केस में नया मोड़! पिता का दावा- सिया गोयल के परिवार को पहले से थी हेयर पैच की जानकारी

केतन अग्रवाल मर्डर केस में नया मोड़! पिता का दावा- सिया गोयल के परिवार को… Read More

2 days ago

NCERT की कक्षा 9 की नई किताब में बड़ा बदलाव, ‘आपातकाल’ पर नया अध्याय; प्रस्तावना और ‘धर्मनिरपेक्षता’ के संदर्भ हटे

NCERT की कक्षा 9 की नई किताब में बड़ा बदलाव, 'आपातकाल' पर नया अध्याय; प्रस्तावना… Read More

2 days ago

लखनऊ अग्निकांड में 15 की मौत, अवैध इमारत होगी ध्वस्त; यूपी में 48 कोचिंग सेंटर सील, अखिलेश ने मांगा ₹1 करोड़ मुआवजा

लखनऊ अग्निकांड में 15 की मौत, अवैध इमारत होगी ध्वस्त; यूपी में 48 कोचिंग सेंटर… Read More

2 days ago

This website uses cookies.