विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-यूजीसी सोमवार तक चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम की घोषणा कर देगा। यह कार्यक्रम शैक्षणिक वर्ष 2023-24 से उच्च शिक्षा संस्थानों में अपना लिया जाएगा। चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में स्नातक डिग्री को अलग-अलग भागों में बांटा गया है और छात्रों को अलग-अलग समय में कार्यक्रम में दाखिला लेने और कार्यक्रम से बाहर होने का विकल्प दिया गया है। यूजीसी के अध्यक्ष प्रोफेसर जगदीश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में सिफारिश की गई है कि उच्च शिक्षा संस्थानों को छात्रों के लिए एक या एक से अधिक विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में गहरे अध्ययन का अवसर देना चाहिए। साथ ही विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, मानविकी, भाषाओं और व्यावसायिक विषयों में भी छात्रों की क्षमता विकसित करनी चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुरूप नवाचार और गतिशीलता बढाने के लिए मौजूदा रूचि आधारित क्रेडिट प्रणाली यानी च्वायस बेस क्रेडिट सिस्टम में संशोधन किया जाएगा। प्रोफेसर जगदीश कुमार ने बताया कि मौजूदा प्रणाली में छात्रों को विभिन्न विधाओं से विषय चुनने की अनुमति है लेकिन अब भी विभिन्न विषयों के बीच समन्वय की कमी है। उन्होंने बताया कि जो छात्र अभी तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में पढाई कर रहे हैं उन्हें भी चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में पढाई की अनुमति दी जायेगी।
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