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उपराष्ट्रपति ने सुझाव दिया है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को हर साल अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने पेश करना चाहिए

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने आज उपराष्ट्रपति निवास में उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू को ‘रिफ्लेक्टिंग, रिकलेक्टिंग, रिकनेक्टिंग’ नामक पुस्तक की पहली प्रति भेंट की है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के चौथे साल का वर्णन करती है।

पुस्तक प्राप्त करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पुस्तक लोगों के लिए एक तरह का रिपोर्ट कार्ड है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों और निर्वाचित प्रतिनिधियों का यह कर्तव्य है कि वे लोगों द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारियों और कर्तव्यों पर हर साल एक रिपोर्ट कार्ड पेश करें। उन्होंने कहा, “यह आपका कर्तव्य है कि आप जिन लोगों की सेवा कर रहे हैं, उनसे संवाद करें और बताएं कि आपने क्या किया है।”

उपराष्ट्रपति नायडू ने कोरोना महामारी के बावजूद बेहद कम समय में पुस्तक प्रकाशित करने के लिए प्रकाशन विभाग की सराहना की। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह पुस्तक उपराष्ट्रपति के दृष्टिकोण और विचारों को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि न्यू मीडिया एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है और उपराष्ट्रपति ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से लोगों से प्रभावी ढंग से संवाद कर रहे हैं।

183 पन्नों की इस किताब में चौथे वर्ष के दौरान उपराष्ट्रपति की गतिविधियों के मुख्य पहलुओं को चित्रों, शब्दों में पांच अध्यायों के जरिए दर्शाया गया है। चार वर्ष के दौरान, उपराष्ट्रपति ने 10 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 133 कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने 53 व्याख्यान दिए, 23 पुस्तकों का विमोचन किया और 22 कार्यक्रमों का उद्घाटन किया और उसकी अध्यक्षता भी की।

पहला अध्याय कोविड-19 के कारण हुए खड़े हुए अभूतपूर्व स्वास्थ्य संकट पर उपराष्ट्रपति के विचारों पर आधारित है। यह हिस्सा बताता है कि कैसे उपराष्ट्रपति ने पिछले एक साल में अखबारों में अपने लेखों, फेसबुक पर लघु निबंधों और संक्षिप्त टिप्पणियों के साथ-साथ विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर प्रासंगिक संदेशों के माध्यम से देश के लोगों के साथ संवाद करना जारी रखा, जो उनकी महामारी और देश की विशाल आबादी की भलाई के लिए उनकी चिंता को दर्शाता है।

दूसरा अध्याय पिछले 100 साल के सबसे मुश्किल स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक के मद्देनजर राष्ट्र में उस भावना को फिर से जगाने के स्मरणों पर केंद्रित है, जो पिछली चुनौतियों के समय अपनाई गई।उन्होंने चुनौतीपूर्ण समय के दौरान भारत के प्रतिष्ठित नेताओं और उनके नेतृत्व पर अपने विजन को भी साझा किया।

यह पुस्तक हमारी सांस्कृतिक विरासत और समृद्ध भाषाई विविधता के प्रति उपराष्ट्रपति के प्रेम को भी दर्शाती है। उनके लिए, भारतीय भाषाएं “संचार के साधन से कहीं अधिक” हैं और उन्होंने पूरे जोश के साथ वकालत की है कि “हमें अपनी भाषाओं में अपने विचारों और विचारों की रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना चाहिए।” उपराष्ट्रपति ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर 24 स्थानीय समाचार पत्रों में लेख लिखे थेऔर फिर अगस्त, 2021 में, उन्होंने मातृभाषा में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए 25 भारतीय भाषाओं में 38 स्थानीय समाचार पत्रों में लेख लिखे।

उपराष्ट्रपति देश के सामने आई कठिन समस्याओं का सामना करने और प्रत्येक संघर्ष के बाद मजबूत होने की क्षमता में दृढ़ विश्वास रखते हैं। जैसे कि देश गंभीर कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है, उन्होंने हमारी मूलभूत शक्तियों को फिर से जोड़ने का आह्वान किया, जिसमें एक उज्ज्‍वल कल के लिए कृषि, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी शामिल हैं। पुस्तक का तीसरा अध्याय इसी विषय से संबंधित है। पुस्तक में देश भर में कई शैक्षणिक और वैज्ञानिक संस्थानों के उनके दौरे और शिक्षकों तथा वैज्ञानिकों के साथ उनकी बातचीत का भी उल्लेख है।

‘संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करना’ शीर्षक वाला अध्याय महामारी के दौरान संसद के सुचारू कामकाज के लिए किए गए विशेष प्रबंधों पर प्रकाश डालता है। यह मानव सुरक्षा सुनिश्चित करने और संसदीय लोकतंत्र की पवित्रता बनाए रखने के बीच एक कठिन संतुलन खोजने के लिए अपनाए गए इन्नोवेटिव तरीकों को भी सूचीबद्ध करता है। पुस्तक में उल्लेख किया गया है कि 2020-21 के दौरान 44 विधेयक पारित किए गए, जो पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक हैं।

अंतिम अध्याय कोविड-19 महामारी की छाया में राष्ट्र के निरंतर आगे बढ़ने की कोशिश की झलक दिखाता है। यह इस बात को बताता है कि कैसे संस्थानों ने खुद को नई सामान्य स्थिति के लिए बदला है। उपराष्ट्रपति के सचिव डॉ. आई.वी. सुब्बा राव, सूचना और प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्रा, अतिरिक्त सचिव और सीवीओ, नीरजा शेखर, संयुक्त सचिव (पीएंडए) विक्रम सहाय, डीजी, प्रकाशन विभाग, मोनिदीपा मुखर्जी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

Khushi Bhargav

I am Khushi Bhargav a passionate Content Writer at Vikral News, who loves to share informative and engaging content on Trending News, Lifestyle, Entertainment, Current Affairs, and Viral Stories.

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