Categories: News-Headlines

SJVN लिमिटेड को महाराष्ट्र में 1,352 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए आदेश पत्र प्राप्त हुआ

विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत मिनी रत्न, श्रेणी-I और अनुसूची ‘ए’ वाले केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम एसजेवीएन लिमिटेड को महाराष्ट्र में 1,352 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए आदेश पत्र प्राप्त हुआ है। ये परियोजनाएं एसजेवीएन की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) के माध्यम से राज्य के चार जिलों, नासिक, सोलापुर, अहमदनगर और पुणे में विकसित की जाएंगी। एसजेवीएन की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गीता कपूर ने बताया कि इन सौर परियोजनाओं को महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0 के अंतर्गत विकसित किया जाएगा ।

एसजेवीएन को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस, एसजेवीएन के निदेशक (वित्त), अखिलेश्वर सिंह एवं एसजीईएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अजय सिंह की उपस्थिति में यह आदेश पत्र 7 विगत मार्च, 2024 को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में प्राप्त हुआ। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र राज्य सरकार, महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड और एसजीईएल के अधिकारी भी उपस्थित थे।

1,352 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए कुल निवेश लगभग 7,436 करोड़ रूपये होगा। यह पीएम-कुसुम योजना में एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) का पहला योगदान होगा। ये परियोजनाएं परियोजना लागत के अधिकतम 30% तक केंद्रीय वित्तीय सहायता के लिए पात्र होंगी।

एमएसईबी सोलर एग्रो पावर लिमिटेड, महाराष्ट्र द्वारा जारी निविदा में प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से एसजीईएल द्वारा इन परियोजनाओं को परियोजनाएं प्राप्त किया गया है। निविदा की कुल क्षमता 7000 मेगावाट है और एसजीईएल ने इसमें 1,500 मेगावाट के लिए भाग लिया – जो पहले दौर में 500 मेगावाट और दूसरे दौर में 1,000 मेगावाट होगी। उपरोक्त योजना पीएम-कुसुम योजना के घटक सी के अंतर्गत भारत में सबसे बड़ी फीडर-स्तरीय सौर्यीकरण (सोलराइजेशन) योजना के कार्यान्वयन के लिए शुरू की गई है।

भविष्य में एसजेवीएन का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 25,000 मेगावाट की स्थापित क्षमता और वर्ष 2040 तक 50,000 मेगावाट की स्थापित क्षमता की साझा परिकल्पना को प्राप्त करने के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करके बढ़ना है। यह साझा परिकल्पना भारत सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप तैयार की गई है। वर्ष 2030 तक कुल बिजली क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म-ईंधन-आधारित ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त होगा।

Leave a Comment

Recent Posts

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

13 hours ago

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर नजर

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More

16 hours ago

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More

17 hours ago

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत पर

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More

17 hours ago

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग तेज

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More

2 days ago

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को झटका

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More

2 days ago

This website uses cookies.