RBI ने 6.5% की रेपो दर में बदलाव नहीं किया, चालू वित्त वर्ष 2023-24 के लिए वास्तविक GDP सात प्रतिशत प्रस्तावित

RBI ने 6.5% की रेपो दर में बदलाव नहीं किया, चालू वित्त वर्ष 2023-24 के लिए वास्तविक GDP सात प्रतिशत प्रस्तावित

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक में छह दशमलव पांच प्रतिशत की रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया है। समिति ने लगातार पांचवीं बार दरों को यथावत बनाए रखा है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज मुम्‍बई में मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद बताया कि समिति ने एकमत से प्रमुख दरों में बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया है।शक्तिकांत दास ने कहा कि स्‍टैंडिंग जमा सुविधा दर को छह दशमलव दो पांच प्रतिशत और मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर तथा बैंक दर को छह दशमलव सात पांच प्रतिशत रखा गया है।

मुद्रास्फीति में गिरावट को दरों में यथास्थिति बनाये रखने का कारण बताते हुए उन्‍होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2023-24 के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद दर पहले की छह दशमलव पांच प्रतिशत के बजाय सात प्रतिशत प्रस्तावित है। वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर छह दशमलव सात प्रतिशत, दूसरी तिमाही के लिए छह दशमलव पांच प्रतिशत और तीसरी तिमाही के लिए छह दमशलव चार प्रतिशत प्रस्तावित है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के लिए यू पी आई लेनदेन की सीमा एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है। श्री शक्तिकांत दास ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी के संकेत हैं। लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था निरन्‍तर मजबूती की ओर बढ रही है। उन्‍होंने कहा कि मौजूदा वित्‍तवर्ष की दूसरी तिमाही की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद दर ने सभी भविष्यवाणियों को पीछे छोड दिया है।

उन्‍होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है और बैंक तथा कंपनियों की बैलेंस शीट बेहतर दिख रही हैं। राजकोषीय सुदृढ़ीकरण हो रहा है, बाहरी संतुलन प्रबंधनीय बना हुआ है और विदेशी मुद्रा भंडार बाहरी परिस्थितियों से सुरक्षित है।

उन्होंने कहा कि ये कारक, उपभोक्ता और व्यावसायिक उम्मीदों के साथ मिलकर, भारतीय अर्थव्यवस्था की निरंतर वृद्धि के लिए अनुकूल स्थितियां बनाते हैं। गवर्नर ने बताया कि समिति के छह में से पांच सदस्यों ने नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने के लिए समायोजन वाले रूख से पीछे हटने का निर्णय लिया है।

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