पुदीने की भीनी खुशबू और स्वाद से भला कौन परिचित नहीं होगा। वैसे तो पुदीना का प्रयोग स्वाद और औषधीय गुणों के लिए कभी भी किया जा सकता है, लेकिन अपनी ठंडक के कारण खास तौर से गर्मियों में यह बेहद फायदेमंद होता है। आप पुदीने का इस्तेमाल पत्ते, तेल, चाय आदि के रूप में कर सकते हैं। पुदीना शरीर और मन पर ठंडा और शांत प्रभाव छोड़ता है, जिसकी मुख्य वजह इसमें मौजूद मेन्थॉल है।
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तो इन गर्मियों में जरूर जानें इसके 8 बेशकीमती गुण और खूब करें इसका प्रयोग…
पेट की जलन करें दूर : पेट से जुड़ी सभी तरह की समस्या को दूर करने के लिए पुदीने को सबसे अच्छा माना गया है। सूखा या गीला पुदीना छाछ, दही, कच्चे आम के पने के साथ मिलाकर पीने पर पेट में होने वाली जलन दूर होगी और ठंडक मिलेगी। गर्मी हवाओं और लू से भी बचाव होगा।
पैर के तलवों जलन : दिनभर बाहर रहने वाले लोगों को पैर के तलवों जलन की शिकायत रहती है, ऐसे में उन्हें फ्रिज में रखे हुए पुदीने को पीसकर तलवों पर लगाना चाहिए ताकि तुरंत राहत मिल सके। इससे पैरों की गर्मी भी कम होगी।
पीलिया : पुदीने का नियमित रूप से सेवन आपको पीलिया जैसे रोगों से बचाने में सक्षम है। वहीं मूत्र संबंधी रोगों के लिए भी पुदीने का प्रयोग बेहद लाभदायक है।
पुदीने के पत्तियों को पीसकर पानी और नींबू के रस के साथ पीने से शरीर की आंतरिक सफाई होगी।
हिचकी और खांसी से दिलाये छुटकारा : पुदीने व अदरक का रस थोड़े से शहद में मिलाकर चाटने से खांसी ठीक हो जाती है। वहीं अगर आप लगातार हिचकी आने से परेशान हैं तो पुदीने में चीनी मिलाकर धीरे-धीरे चबाएं। कुछ ही देर में आप हिचकी से निजात पा लेंगे।
ये भी जानें
-गर्मी में पुदीने की चटनी का रोजाना सेवन सेहत से जुड़े कई फायदे देता है। पुदीना, काली मिर्च, हींग, सेंधा नमक, मुनक्का, जीरा, छुहारा सबको मिलाकर चटनी पीस लें। यह चटनी पेट के कई रोगों से बचाव करती है व खाने में भी स्वादिष्ट होती है। भूख न लगने या खाने से अरुचि होने पर भी यह चटनी भूख को खोलती है।
-पुदीने की पत्तियों का लेप करने से कई प्रकार के चर्म रोगों को खत्म किया जा सकता है। घाव भरने के लिए भी यह उत्तम है। इसके अलावा गर्मी में इसका लेप चेहरे पर लगाने से त्वचा की गर्मी समाप्त होगी और आप ताजगी का अनुभव करेंगे।
-अगर आपको अक्सर टॉंसिल्स की शिकायत रहती है और इसमें होने वाली सूजन से भी आप परेशान हैं तो पुदीने के रस में सादा पानी मिलाकर इस पानी से गरारे करना आपके लिए फायदेमंद होगा।
– बिच्छू या बर्रे के दंश स्थान पर पुदीने का अर्क लगाने से यह विष को खींच लेता है और दर्द को भी शांत करता है।
-पुदीने के पत्तों का सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसका अधिक सेवन गुर्दे और आंतों के लिए नुकसानदेह साबित होता है। अगर इसका अधिक सेवन किया गया है, तो उसे ठीक करने के लिए मुलेठी का सत्व और गोंद कतीरा मिलाकर सेवन करना चाहिए।
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