इसरो इस महीने आदित्य एल-1 उपग्रह के अगले प्रक्षेपण की तैयारी कर रहा है। सूर्य के बारे में अध्ययन करने के लिए भारत का यह पहला अंतरिक्ष मिशन होगा। इस उपग्रह में सौर वातावरण, सौर चुम्बकीय तूफान और पृथ्वी के पर्यावरण पर पड़ने वाले इसके प्रभाव का अध्ययन करने के लिए तीन उपकरण भेजे जाएंगे। इसे पृथ्वी और सूर्य के बीच एल-1 प्वाइंट पर हॉलो कक्षा में भेजा जाएगा। यह उपग्रह प्रक्षेपण के बाद हॉलो कक्षा में पहुंचने के लिए करीब 109 पृथ्वी दिवस का समय लेगा और 15 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगा। आदित्य एल-1 अंतरिक्ष यान बेंगलुरु में यू आर राव उपग्रह केन्द्र में तैयार किया गया है और प्रक्षेपण के लिए श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र में पहुंच गया है। यू आर राव उपग्रह केन्द्र के निदेशक डॉक्टर एम शंकरन ने आदित्य एल-1 मिशन के बारे में आकाशवाणी को जानकारी दी।
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