मार्स ऑर्बिटर मिशन (मॉम) ने लाल ग्रह के कक्ष में अपने चार साल पूरे कर लिए, इसरो ने 5 नवंबर 2013 को इस मिशन की शुरुआत की थी , इस मिशन की मदद से वैज्ञानिकों को मंगल गृह का मानचित्र तैयार करने में सफ़लता प्राप्त हुई है…..
भारत के मार्स ऑर्बिटर मिशन (मॉम) ने लाल ग्रह के कक्ष में अपने चार साल पूरे कर लिए हैं। यह किसी भी ग्रह पर भेजा गया भारत का पहला मिशन है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) ने 5 नवंबर 2013 को इस मिशन की शुरुआत की और 24 सितंबर, 2015 को पहले ही प्रयास में इसे ग्रह के कक्ष में स्थापित किया गया था।
मिशन की अवधि छह माह ही तय की गई थी, लेकिन पिछले चार सालों से मंगल से डाटा भेज रहा है। इसरो ने इस मिशन की जानकारी अपने ट्विटर हैंडल से मंगलवार को ट्वीट किया, ‘‘यहां रहते हुए मुझे चार साल हो गए हैं। आप सब के प्यार और साथ के लिए धन्यवाद।’’ इस ट्वीट के साथ सौर मंगल के सबसे बड़े ज्वालामुखी ‘ओलिंपस मोन्स’ की तस्वीर भी साझा की गई।
बता दें कि ‘मॉम’ इकलौता कृत्रिम सेटेलाइट है जो एक बार में ही मंगल ग्रह के पूरे डिस्क की तस्वीर उतार सकता है। यह लाल ग्रह के चंद्रमा डेइमोस की भी दूर से तस्वीर उतारने में सक्षम है। इस मिशन की मदद से वैज्ञानिक मंगल का मानचित्र तैयार करने में सफल हुए हैं।
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