IIT-बंबई के शून्या दल ने अमेरिका में अपने नए नवाचार शून्य-ऊर्जा भवनों के डिजाईन तैयार कर सौर ऊर्जा डिकैथलॉन प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। शून्य दल का उद्देश्य नवयुवक छात्रों द्वारा शहर में रहने वाले लोगों के लिए टिकाऊ भवनों के निर्माण के डिजाईन तैयार करना है। इस तरह डिजाईन किए गए मकानों से मुंबई जैसे गर्म और उमस भरे शहर में वायु गुणवत्ता को बनाए रखने में मदद मिलेगी। इस प्रतियोगिता में विश्व के 32 छात्र दलों ने भाग लिया था। भारत से शून्या एकमात्र दल है जिसने इसमें भाग लिया है।
भारतीय दल ने एक ऐसा भवन विकसित किया है जिसमें चौदह किलोवाट सौर पीवी संयंत्र है जिससे भवन के वातावरण को नियंत्रित किया जा सकेगा। इस नए किस्म के भवन में सामान्य जल इस्तेमाल करने की तुलना में करीब अस्सी प्रतिशत कम जल की आवश्यकता होगी। इसमें वर्षा जल के इस्तेमाल की व्यवस्था भी की गई है।
भारतीय दल में आईआईटी बॉम्बे के इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर और प्रबंधन के सोलह विभागों के पचास से अधिक छात्र शामिल हैं।