कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के तत्वावधान में निवेशक शिक्षा और संरक्षण कोष प्राधिकरण (आईईपीएफए) ने आज यहां एक वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का उद्देश्य ज्ञान दर्शन चैनल की टेली-व्याख्यान सुविधा का उपयोग करते हुए निवेशक शिक्षा, जागरूकता और संरक्षण का अधिदेश (मैन्डेट) प्राप्त करना है।
इग्नू/ज्ञान दर्शन चैनल के साथ यह सहयोग मौजूदा और संभावित हितधारकों के बड़े समूह के मध्य निवेशक शिक्षा और जागरूकता के संदेश का प्रचार करने में मदद करेगा। व्याख्यान श्रृंखलाओं के लिए कुशल व्यक्तियों के पैनल में आईसीएआई, आईसीएसआई जैसे पेशेवर संस्थानों के विशेषज्ञ और आईईपीएफए, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय तथा अन्य नियामकों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। 75 एपिसोड की ये प्रस्तावित व्याख्यान श्रृंखलाएं 24×7 ज्ञान दर्शन टीवी चैनल पर लाइव टेली-व्याख्यान श्रृंखला होंगी। ये ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव’’ के तहत भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में पूरे साल चलने वाले समारोह का एक हिस्सा हैं।
वर्ष 2021 में टेली-व्याख्यान श्रृंखला के 26 एपिसोड शुरू किए गए थे जिनकी सभी हितधारकों ने प्रशंसा की थी। टेली-व्याख्यानों का भंडार आईईपीएफए के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।
कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) के सचिव और आईईपीएफए के पदेन अध्यक्ष राजेश वर्मा ने अपने मुख्य संबोधन में कहा कि हम यहां लोगों को शिक्षित करने के साझा लक्ष्य के साथ आगे आए हैं। पूरा देश आत्मनिर्भर, प्रगतिशील राष्ट्र भारत की भावना का उत्सव मनाने के लिए आजादी का अमृत महोत्सव का 75वां वर्ष मना रहा है। इस दिन को युवा आइकान और वैश्विक कद के प्रभावशाली व्यक्ति स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। ये सभी महान आयोजन एक साथ होने से, आज का यह कार्यक्रम और भी महत्वपूर्ण और प्रासंगिक हो गया है। आईईपीएफए और इग्नू दोनों का ही साझा उद्देश्य शिक्षा प्रदान करना और लोगों को उनके जीवन को प्रभावित करने वाले विषयों के बारे में जागरूक करना है। आईईपीएफए का ध्येय सभी हितधारक समूहों और विशेष रूप से युवाओं में जागरूकता पैदा करना है।
इग्नू के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने अपने संबोधन में कहा कि इग्नू और आईईपीएफए इस पहल के साथ बड़े स्तर पर युवाओं और अन्य हितधारकों तक पहुंचेंगे, जो दोनों संगठनों के विजन और मिशन को पूरा करने में उपयोगी साबित होगी।
मनोज पांडे, सीईओ आईईपीएफए प्राधिकरण, प्रो. सत्यकाम, प्रो.-वीसी कुलपति, इग्नू, निहार जंबुसरिया, अध्यक्ष आईसीएआई, नागेंद्र डी. राव, अध्यक्ष आईसीएसआई और आईईपीएफए, इग्नू और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
निवेशक शिक्षा और संरक्षण कोष प्राधिकरण (आईईपीएफए) की स्थापना कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 125 के तहत कंपनी अधिनियिम 2013 की धारा 125 (3) के अनुसार आईईपीएफ कोष के प्रशासन के लिए की गई थी। इस प्राधिकरण के मुख्य उद्देश्य में निवेशक शिक्षा, जागरूकता और संरक्षण, अदावा शेयरों के रिफंड, लाभांश और अन्य राशियों को कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 124 और 125 के तहत सही दावेदारों को वापस करना है। आईईपीएफए कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करता है।
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