वैश्विक वित्तीय निगरानी संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स-एफ.ए.टी.एफ. ने पाकिस्तान को ‘ग्रे लिस्ट’ में बरकरार रखा है। एफ.ए.टी.एफ. के अध्यक्ष डॉक्टर मार्कस प्लीयर ने घोषणा की कि कल पेरिस में एफ.ए.टी.एफ. की तीन दिन के पूर्ण सत्र के बाद यह फैसला लिया गया।
उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान सरकार एफ.ए.टी.एफ. की 34 सूत्रीय कार्य योजना में से चार का अनुपालन करने में नाकाम रही। एफ.ए.टी.एफ. की ग्रे सूची में तीन और देशों- तुर्की, माली और जॉर्डन को भी जोड़ दिया गया है। एफ.ए.टी.एफ. ने अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बाद वहां बढ रहे मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण जोखिम के माहौल के बारे में चिंता व्यक्त की है।
ग्रे सूची में पाकिस्तान के शामिल होने से अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक जैसी वैश्विक संस्थाओं से वित्तीय सहायता लेने की पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष से एक अरब डॉलर का कर्ज लेने का पाकिस्तान का प्रयास भी असफल हुआ है।