उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने कर्नाटक, केरल और तेलंगाना राज्यों में मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दों की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों और परियोजना के समर्थकों ने भाग लिया। इस समीक्षा बैठक में परियोजना निगरानी समूह (पीएमजी) द्वारा सुगम अंतर-मंत्रालयी और राज्यों के बीच समन्वय को बढ़ाकर समस्याओं के समाधान में तेजी लाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
कर्नाटक में 3,658 करोड़ रुपये की कुल परियोजना लागत वाली 5 महत्वपूर्ण परियोजनाओं से संबंधित 5 मुद्दों की समीक्षा की गई। केरल में 5,002 करोड़ रुपये की लागत वाली 2 परियोजनाओं से संबंधित 2 मुद्दों की पड़ताल की गई, जबकि तेलंगाना में 1,934 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली 3 परियोजनाओं से संबंधित 6 मुद्दों पर चर्चा की गई।
समीक्षा की गई प्रमुख परियोजनाओं में केरल और तमिलनाडु से संबंधित त्रिवेंद्रम-कन्याकुमारी रेलवे लाइन दोहरीकरण परियोजना शामिल थी। 3,785 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य मौजूदा सिंगल-लाइन ट्रैक का दोहरीकरण करना है ताकि यात्रा का समय कम हो, ट्रेनों की आवृत्ति बढ़े और पूरे क्षेत्र में यात्री और माल ढुलाई में सुधार हो। परियोजना के पूरा होने पर, क्षेत्रीय संपर्क में उल्लेखनीय सुधार, सड़क यातायात की भीड़भाड़ कम होने और पर्यटन एवं स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृति और स्थानीय रुकावट से संबंधित चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया और संबंधित अधिकारियों को समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने और सामाजिक-आर्थिक लाभों को अधिकतम करने के लिए उनके शीघ्र समाधान की सलाह दी गई।
रिलायंस जियो की 5जी/4जी नेटवर्क के विस्तार की पहल की भी समीक्षा की गई। तेलंगाना सरकार के साथ हुई चर्चा में वन एवं वन्यजीव मंजूरी से संबंधित लंबित मामलों के शीघ्र समाधान पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य देश भर के अछूते और दूरदराज के क्षेत्रों में 5जी मोबाइल कनेक्टिविटी का विस्तार करना है, साथ ही मौजूदा 4जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। एक बार कार्यान्वित होने पर इस पहल से रणनीतिक रूप से संवेदनशील और भौगोलिक रूप से दूरदराज के क्षेत्रों सहित देश भर में डिजिटल कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। इससे सरकार के डिजिटल रूप से सशक्त भारत के विजन को बढ़ावा मिलेगा।
डीपीआईआईटी सचिव ने परियोजना निगरानी के लिए संस्थागत ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित मुद्दों के समाधान में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने और केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और निजी हितधारकों के बीच सहयोग के माध्यम से समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए परियोजना निगरानी समूह (पीएमजी) (https://pmg.dpiit.gov.in/) की विशेष प्रणाली का लाभ उठाने वाले निजी समर्थकों के महत्व से भी अवगत कराया।
भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More
आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment