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BIS ने एग्री बाय-प्रोडक्‍ट से बने बर्तनों के लिए मानक IS 18267:2023 जारी किया

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने और सस्‍टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एग्री बाय-प्रोडक्‍ट से बने भोजन परोसने वाले खास बर्तनों के लिए मानक IS 18267: 2023 को जारी किया है। यह मानक विनिर्माताओं और उपभोक्ताओं को व्यापक दिशानिर्देश प्रदान करता है ताकि देश भर में गुणवत्ता आवश्यकताओं में एकरूपता सुनिश्चित हो सके।

इस मानक के लागू होने के व्यापक फायदे हैं क्योंकि बायोडिग्रेडेबल एग्री बाय-प्रोडक्‍ट बर्तनों के उपयोग से पर्यावरण सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और एक चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। इन बर्तनों में किसी नुकसानदेह पदार्थ का उपयोग नहीं किया गया है और इसलिए इनसे उपभोक्ताओं का कल्याण सुनिश्चित होता है। यह मानक किसानों के लिए आर्थिक अवसर सृजित करता है और सस्‍टेनेबल कृषि प्रथाओं को बढ़ावा देते हुए ग्रामीण विकास में योगदान करता है।

दुनिया भर में डिस्पोजेबल टेबलवेयर का उपयोग बढ़ रहा है। इससे डिस्पोजेबल टेबलवेयर के वैश्विक बाजार का भी विस्‍तार हो रहा है। डिस्पोजेबल प्लेट का बाजार 2020 में 4.26 अरब डॉलर था जो बढ़कर 2028 तक 6.73 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इस प्रकार 2021 से 2028 के बीच इसमें 5.94 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक दर (सीएजीआर) से विस्‍तार होगा।

भारत में कई लार्ज-स्‍केल और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) स्तर के विनिर्माता बायोडिग्रेडेबल कटलरी के उत्पादन में सक्रिय योगदान कर रहे हैं। उन्हें इस मानक के लागू होने से काफी फायदा होगा। इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है और इसलिए इनके उत्पादन से जुड़े विनिर्माताओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है।

इस मानक में बायोडिग्रेडेबल बर्तनों के उत्पादन के लिए कच्चे माल, विनिर्माण तकनीक, प्रदर्शन और स्वच्छता आवश्यकताओं सहित विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है। इसमें प्लेट, कप, कटोरे आदि वर्तन बनाने के लिए पसंदीदा सामग्री के तौर पर खास पत्तियों और आवरण जैसे कृषि बाय-प्रोडक्‍ट्स के उपयोग को निर्दिष्ट किया गया है। यह मानक पौधों और पेड़ों के उपयुक्त हिस्सों का उपयोग करने का सुझाव देता है। साथ ही यह हॉट प्रेसिंग, कोल्‍ड प्रेसिंग, मोल्डिंग और सिलाई जैसी विनिर्माण तकनीक प्रदान करता है। यह चिकनी सतहों, बिना धारदार किनारों के उपयोग पर भी जोर देता है और रसायनों, रेजिन और चिपकने वाले पदार्थों के उपयोग को प्रतिबंधित करता है।

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