संसद ने 127वां संविधान संशोधन विधेयक, 2021 सर्वसम्मति से पारित किया

संसद ने 127वां संविधान संशोधन विधेयक, 2021 सर्वसम्मति से पारित किया

संसद ने 127वां संविधान संशोधन विधेयक, 2021 सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। राज्यसभा ने इसे मंजूरी दे दी। इसे सदन की संख्या के बहुमत से और मतदान के दौरान सदन में उपस्थित सदस्यों के दो-तिहाई मतों से पारित किया गया। 187 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया जबकि किसी ने इसका विरोध नहीं किया। लोकसभा ने यह विधेयक पारित किया था।

यह विधेयक राज्‍यों और केन्‍द्रश‍ासित प्रदेशों को अन्‍य पिछडा वर्ग की अपनी सूची बनाने का अधिकार देता है। राज्‍यसभा में विधेयक पेश करते हुए सामाजिक न्‍याय और आधिकारिता मंत्री डॉक्‍टर वीरेन्‍द्र कुमार ने कहा कि इससे राज्‍यों और केन्‍द्र श‍ासित प्रदेशों को अन्‍य पिछडा वर्ग की अपनी सूची बनाने का अधिकार मिलने के साथ ही विभिन्न वर्गों को सामाजिक और आर्थिक न्याय मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि यह कानून देश के संघीय ढांचे को मजबूत करने में भी मदद करेगा। डॉक्‍टर कुमार ने नीट परीक्षा में अन्‍य पिछडा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण के हाल के फैसले का उल्‍लेख करते हुए कहा कि सरकार अन्‍य पिछडा वर्ग समुदाय के कल्‍याण के प्रति वचनबद्ध है।

कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी ने सरकार से जाति आधारित जनगणना कराने की भी मांग की और कहा कि सरकार इसके लिए क्‍यों हिचकिचा रही है।

भारतीय जनता पार्टी के सुशील मोदी ने सवाल उठाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में अन्‍य पिछडा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा क्‍यों नहीं दिया।

बीजू जनता दल के प्रसन्ना आचार्य, टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन और डीएमके के तिरुचि शिवा ने बिल का समर्थन किया। टीआरएस के बंदा प्रकाश, जनता दल यू. के रामनाथ ठाकुर और राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा ने विधेयक का समर्थन करते हुए जाति आधारित जनगणना कराने की मांग की। आल इंडिया अन्ना डीएमके के ए. नवनीतकृष्णन ने कहा कि सरकार ने इस विधेयक को लाकर देश के संघीय ढांचे को बरकरार रखा है।

शिवसेना के संजय राउत ने भी आरक्षण में 50 फीसदी की सीमा को हटाने की मांग की। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की वंदना चव्हाण ने भी बिल का समर्थन किया।

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